पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जो कोई भी प्रधानमंत्री बनेगा उसके लिए बातचीत के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। उन्होंने अलगाववादियों पर एनआईए के शिकंजा कसे जाने को अफसोसजनक ठहराया।
डॉ. अब्दुल्ला ने बुधवार को चुनावी जनसभा के बाद पत्रकारों से कहा कि जो कोई भी आएगा उसे बातचीत के बगैर कोई रास्ता नहीं है। लड़ाई हमारा रास्ता नहीं है। हमें अमन से रास्ते ढूंढने हैं, जिसमें दोनों मुल्कों के साथ हमारी भी इज्जत रहे। दरअसल उनका यह बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान के संदर्भ में था।
वहीं अलगाववादियों पर एनआईए के शिकंजे के बारे में फारूक ने कहा कि अफसोस है कि इससे कोई चीज नहीं मिलेगी। जितना इन पर जुल्म करेंगे, उतनी ही आग और भड़केगी। उन्हें ऐसा करने से परहेज करना चाहिए और ऐसी चीजें नहीं करनी चाहिए।
डॉ. फारूक ने कहा कि आजाद मुल्क में ऐसा हो सकता है कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, सब एक सोच नहीं रखते, लेकिन ऐसा नहीं होता कि जो आप जैसा नहीं सोचता हो उसे बंद कर दिया जाए। यह हिंदुस्तान का रास्ता नहीं है।
उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट ईमानदारी से फैसला सुनाएगा
श्रीनगर। राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए फैसले को लेकर डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल पर एक बहुत अच्छा फैसला लिया है कि वो दस्तावेज देखेंगे। मुझे उम्मीद है कि वो सच में ईमानदारी का फैसला सारे हिंदुस्तान के लोगों के सामने पेश करेंगे।