पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्य के साथ इजरायल और फलस्तीन जैसा रिश्ता बनाना चाहती है तो उन्हें फलस्तीन जैसे हालात के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री पहली बार पाकिस्तान के साथ बातचीत करने का मौका खो बैठे हैं। उम्मीद है कि अगर वह दोबारा चुने जाते हैं तो यह मौका अब नहीं गवाएंगे।
महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हाईवे पर प्रतिबंध जम्मू कश्मीर के लोगों को और दबाने का प्रयास है। यह यहां के लोगों के मूलभूत अधिकारों पर हमला है। मैं अब भी लोगों से अपील करती हूं कि इस बंद का विरोध कर अपनी गाड़ियों में हाईवे पर निकलें, मैं देखती हूं कौन क्या करता है। महबूबा ने कहा कि हमने इसे लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है और उम्मीद है कि जल्द ही कोई फैसला आएगा।
वहीं देशद्रोही और सांप्रदायिक बयानबाजी को लेकर महबूबा समेत उमर अब्दुल्ला और डॉ. फारूक अब्दुल्ला को चुनाव में प्रतिबंधित करने को लेकर दायर पीआईएल और उसकी 12 अप्रैल को होने वाली सुनवाई को लेकर महबूबा मुफ्ती से पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 'मैंने पहले भी कहा है कि अगर भाजपा 370 को हटाती है तो हिंदुस्तान का संविधान यहां लागू ही नहीं होगा।'
इमरान खान के बयान पर महबूबा ने कहा कि 'यही बात मुफ्ती साहब भी समझते थे। उनको (मुफ्ती साहब) मालूम था कि अगर भाजपा का जो प्रधानमंत्री जिसके साथ जनसंघ, आरएसएस, शिवसेना आदि है अगर वो चाहे तो इस मौके का फायदा उठाए तो वो पाकिस्तान के साथ वाजपेयी जी की तरह बातचीत कर सकता है। मगर मोदी जी ने उस सुनहरे मौके को खो दिया। मैं उम्मीद करती हूं जो इमरान खान को मोदी जी से उम्मीद है कि अगर वो दोबारा चुनकर सामने आते हैं तो दोबारा इस मौके का इस्तेमाल करेंगे जिसे वो पहली बार खो चुके हैं।'