श्रीनगर लोकसभा सीट से करीब 70 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल करने वाले नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि केंद्र में नई सरकार राज्य के साथ न्याय करेगी और कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत करेगी। नेकां मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और श्रीनगर क्षेत्र के लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
फारूक ने कहा कि यह संसद आसान नहीं होगी। जम्मू कश्मीर के संबंध में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं क्योंकि हमें अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के लिए उनके (भाजपा) इरादे से लड़ना होगा। एक और मुद्दा यह है कि वे देश में मुसलमानों और हिंदुओं को विभाजित करना चाहते हैं हमें उससे भी लड़ना होगा।
यह देश सभी का है और हमें इस देश को उस धर्मनिरपेक्ष मार्ग पर दृढ़ता से रखना है जिसे हमारा संविधान सुनिश्चित करता है। हमें बीआर आंबेडकर द्वारा तैयार संविधान की रक्षा करनी है और देश को आगे ले जाना है। जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए भारत और पाकिस्तान को बातचीत की मेज पर आना होगा और इस मुद्दे को सुलझाना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हमें उम्मीद है कि दिल्ली में नई सरकार जम्मू-कश्मीर के साथ न्याय करेगी और पाकिस्तान के साथ बातचीत करेगी। चुनावों में यूपीए के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि जो कुछ हुआ है उस पर कुछ नहीं कहूंगा। कहा कि वह नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, पार्टी के नेताओं और कश्मीर के लोगों विशेष रूप से श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देते हैं।