निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों, रेहड़ी और दुकानें बंद होने से शहर के विभिन्न इलाकों से प्रवासी मजदूरी शहर छोड़ रहे हैं। शहर से बस, रेल, सड़क और हवाई यातायात की सुविधा नहीं होने से लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से बस स्टैंड पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए जाने वाले मजदूर और आम लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है। यातायात की सुविधा न होने से यह लोग अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। पिछले दस दिनों से काम नहीं होने के कारण अब लोगों को आर्थिक तंगी होने लगी है।
शहर में लॉकडाउन होने के कारण फंसे लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसफोर्ट कॉरपोरेशन ने सात जिलों के लिए बस सेवा शुरू की है। बस सेवा होने के बावजूद भी यह मजूदर अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जरनल बस स्टैंड में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इनमें डोडा, राजौरी, पुंछ, रामबन, श्रीनगर सहित अन्य जिलों के लोगों की संख्या अधिक है।
शनिवार सुबह भी बस स्टैंड पर लोगों की लंबी लाइन लगी रही। रामबन जाने वाले पवन सिंह ने कहा कि तीन दिनों से लगातार आ रहा हूं। यहां पर पुलिस और प्रशासन के लोग नाम लिखवाने के लिए कहते हैं। मैं हर दिन नाम दर्ज करवाता हूं, कहा जाता है आपकों को फोन कर बताएंगे, लेकिन फोन नहीं आता है। वहीं श्रीनगर जाने वाले अब्दुल अजीज ने कहा कि दिनभर लाइन में लगाया जाता है फिर कहते हैं कल आना। बहुत परेशान हैं सरकार को चाहिए कि हमें घर पहुंचाए।
शनिवार को पुंछ के लिए गईं दो बसें
शनिवार को बस स्टैंड से दो बसें पुंछ के लिए रवाना हुईं। हालांकि, बस स्टैंड पर श्रीनगर और डोडा जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रही। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से भी श्रीनगर के लिए बसें नहीं भेजी गईं।