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असमंजस की बीच देर शाम तक खुले रहे शहर के बाजार

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जम्मू। आपदा प्रबंधन की राज्य कार्यकारी समिति के जम्मू कश्मीर में सप्ताहांत में पूर्ण पाबंदियां लगाने के आदेश से शनिवार को शहर में असमंजस की स्थिति रही। दिनभर कई बाजारों के खुलने और बंद होने का सिलसिला चला। कारोबारियों ने पाबंदियों की पूर्ण में जानकारी न देने पर एतराज जताया। कई दुकानों पर अकेले मालिक ही दिखे, जबकि अधिकांश कर्मचारी सुबह ही दुकानों पर आकर लौट गए थे। प्रदेश की सबसे बड़ी अनाज मंडी ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट ने भी प्रशासन के पाबंदियों के रवैये पर आपत्ति जताई है। फेडरेशन ने आगामी योजना के लिए सोमवार को कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है। इसमें वेयर हाउस में साप्ताहिक लाकडाउन सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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वेयर हाउस फेडरेशन के प्रधान दीपक गुप्ता ने कहा कि उनके यहां वेयर हाउस में खाद्य पदार्थों व अन्य की खरीदारी के लिए प्रदेश भर से ट्रक माल लेने को आते हैं, लेकिन शनिवार को असमंजस की स्थिति रही। हालांकि शाम तक वेयर हाउस खोला रखा गया, लेकिन ऐसी पाबंदियों के आदेशों की जानकारी पूर्व में दी जानी चाहिए, ताकि व्यापारी अपनी तैयारी कर सकें। दूसरी लहर के दौरान व्यापारियों ने पूर्ण समर्थन देते हुए साप्ताहिक लाकडाउन किया था। सोमवार को कोर ग्रुप की बैठक में आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। रघुनाथ बाजार बिजनेसमैन एसोसिएशन के प्रधान संजय गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह बाजार को बंद करवाने के लिए पुलिस आई थी, लेकिन चैंबर आफ कामर्स की शाम चार बजे तक प्रतिष्ठानों को खोले रखने की अपील के बाद देर शाम तक बाजार खुले रहे। प्रशासन के आदेश से दुकानदारों में असमंजस की स्थिति रही।
राज तिलक ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान रोमेश महाजन ने कहा कि शनिवार सुबह पुलिसकर्मी बाजार को बंद करवाने आए थे और वे बंद करके घरों को चले भी गए, लेकिन दोपहर को दोबारा बाजार खोलने के बारे में सूचित किया गया। लेकिन तब तक अधिकांश दुकानदारों के कर्मचारी घरों को लौट गए थे। सरकार को पाबंदियों को लेकर किसी आदेश की पूर्व में जानकारी देनी चाहिए। राजतिलक रोड एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विमल गुप्ता ने कहा कि प्रशासन और पुलिस के पास पाबंदियों को लेकर कोई स्पष्ट आदेश नहीं था, जिससे बाजार में असमंजस की स्थिति रही। इन परिस्थितियों में भीड़ कम करने के बजाय अफरातफरी में बढ़ गई। दुकानदारों को विश्वास में लेकर ही ऐसे आदेश जारी किए जाएं।
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