उन्होंने कहा कि हम ऐसे नहीं जी सकते और अब हमने निर्णय लिया है कि पैदल चलकर घर जाएंगे। उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर निवासी एक अन्य मजदूर रमेश ने कहा कि उन्हें गैस सिलिंडर, खाने का सामान नहीं मिल रहा है और पैसे भी समाप्त हो गए हैं।
कहा कि सरकार ने दो हजार रुपये दिए और राशन का किट भी दिया। 50 दिन के लिए क्या यह पर्याप्त है? एक अन्य मजदूर ने कहा कि सरकार ने उनकी जो सहायता की वह पर्याप्त नहीं है । वह रोजाना 300 से 350 रुपये कमाता था, लेकिन पिछले डेढ़ महीने से कमाई बिल्कुल ठप है। ऐसे में सरकार उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता प्रशस्त करे। ज्ञात हो कि रविवार को कठुआ से भी राजस्थान के लिए मजदूर परिवार के साथ पैदल ही निकल गए थे।