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जम्मू-कश्मीरः डोडा में एक आतंकी गिरफ्तार, सर्च ऑपरेशन के दौरान मिली सफलता

Tue, 05 May 2020 02:34 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के डोडा में सुरक्षाबलों को एक आतंकी को पकड़ने में सफलता मिली है। आज यानी कि मंगलवार को सुबह करीब पांच बजे सर्च ऑपरेशन के दौरान इसे पकड़ा गया। इस आतंकी ने आठ महीने पहले आतंकवाद का रास्ता चुना था।

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इलाके में आतंकी की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबल लगातार तलाशी अभियान चला रहे थे। वहीं सुबह करीब पांच बजे सुरक्षाबलों ने आतंकी को पकड़ने में सफलता पाई है। साथ ही उसके पास से एक चाइनीज पिस्टल भी बरामद हुई है। इस आतंकी के पकड़े जाने के बाद कई खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इससे पहले उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक पूर्व आतंकी कमांडर के भाई और ओजीडब्ल्यू को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। जिले के शीरी इलाके में पुलिस, सेना की 46 आरआर और सीआरपीएफ की 53-बटालियन ने नाका लगाया था।
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दोपहर करीब ढाई बजे उन्होंने एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया। इसकी शिनाख्त सोपोर के उमर मुश्ताक खान (33) के रूप में हुई है। पकड़ा गया ओजीडब्ल्यू आतंकी नवीद जट के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकी कलीमुल्ला का भाई है। उसके पास से एक ग्रेनेड, एके-47 की 113 गोलियां, दो मोबाइल फोन व दो सिम कार्ड, एक पाउच, तीन आई कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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बांदीपोरा, कुपवाड़ा और बारामुला एलओसी पर 200 से अधिक आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं

उधर, कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में अगला एक महीना सेना के लिए कड़ी चुनौती वाला होगा। बांदीपोरा, कुपवाड़ा, बारामुला में पड़ी बर्फ अब पिघलने लगी है। आतंकियों के घुसपैठ के रूट साफ होने लगे हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं।

दरअसल, कश्मीर में नवंबर महीने में बर्फ पड़ना शुरू होती है। जनवरी तक काफी बर्फ पड़ जाती है। आतंकियों के लिए बर्फ में घुसपैठ करना मुश्किल हो जाता है। अप्रैल महीने से यह बर्फ पिघलने लगती है। तब कुछ जगहों पर फेंसिंग टूटी होती है। इसका लाभ उठाकर आतंकी घुसपैठ कर जाते हैं। इस घुसपैठ को रोकना सेना के लिए बड़ी चुनौती है।

खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि बांदीपोरा, कुपवाड़ा और बारामुला एलओसी पर 200 से अधिक आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। जो अगले एक महीने तक घुसपैठ की कोशिशें करते रहेंगे। आतंकियों को पिछले दो तीन साल में काफी नुकसान पहुंचा है। पहले आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक हुई, फिर एयर स्ट्राइक। आतंकियों के लिए कश्मीर में जमा होने वाला धन भी बंद हो गया।

आतंकियों का ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क ध्वस्त हो गया। इनके लिए हथियारों की सप्लाई कम हो गई। यहां तक कि कश्मीर में विदेशी आतंकियों की गिनती अब इक्का-दुक्का रह गई। कुल मिलाकर ऑपरेशन ऑल आउट की शुरूआत से लेकर अब तक 600 से अधिक आतंकी मारे गए हैं। जो आतंकियों के लिए एक बड़ा आघात है। इसलिए आतंकी संगठन 2020 में जून और जुलाई के महीने में बड़े स्तर पर घुसपैठ करना चाहते हैं।
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