कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इनमें वह लोग भी हैं, जो बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीच भी हर कोई अपने स्तर पर दूसरों की मदद के लिए आगे आ रहा है। ऐसे में भारतीय वायुसेना के हवाई योद्धा की बीमार मां को उपचार की जरूरत महसूस हुई तो स्वास्थ्य विभाग के स्वेत योद्धा की टीम तुरंत मदद के लिए गजनसू स्थित घर पहुंच गई और उपचार दिया।
वायुसेना के सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन कमल सिंह उबेरह ने बताया कि उनकी 85 वर्षीय मां सावित्री देवी दो साल से बीमार हैं। अधिकतर समय बिस्तर पर ही रहती हैं। शुक्रवार को उन्हें अस्पताल ले जाना चाहते थे, इसके लिए मढ़ ब्लॉक के बीएमओ डॉ. हरबख्श सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने घर में रहकर इंतजार करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि बीएमओ से बात किए थोड़ी ही देर हुई थी कि तीन सदस्यीय टीम घर में पहुंच गई। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत ही सुखद अनुभव था कि जो मेरी बीमार मां के उपचार के लिए मेडिकल टीम घर पहुंची। यही कार्य हमें दुनिया से अलग बनाते हैं। उन्हाेंने कहा कि तकनीकी तौर पर अस्पताल यह करने के लिए बाध्य नहीं था, पर बीएमओ और उनकी टीम का यह असाधारण कार्य मानवीय पहलुओं को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि बुढ़ापे और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण मां चलने में असमर्थ हैं, यहां तक कि वह करवट भी नहीं ले सकती। उन्हें पिछले दो वर्ष से केथेटर ट्यूब लगाया जा रहा है। परिवार ने हर 15 दिन बाद उसे बदलने के लिए जम्मू से एक चिकित्सा व्यवसायी को हायर किया। मगर मार्च में जब केथेटर ट्यूब को बदलने की जरूरत महसूस हुई तो कोई विकल्प नहीं था। क्योंकि लॉकडाउन के कारण आवाजाही बंद थी। ऐसे में किसी तरह मार्च में अस्पताल मढ़ ले गए। वहां बीएमओ ने कहा था कि अगली बार आने से पहले फोन कर लेना। सेवानिवृत कैप्टन ने कहा कि जब शुक्रवार को फोन कर बात की तो उन्होंने टीम ही घर भेज दी।