आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष मेले में 200 से अधिक प्रकाशक भाग ले रहे हैं। पुस्तक प्रेमियों, छात्रों और परिवारों के लिए अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी, हिंदी और कई अन्य भारतीय भाषाओं की किताबों के स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले के उत्साह को बढ़ाने के लिए डल झील की पारंपरिक और प्रतिष्ठित शिकारा पर ‘’शिकाराथॉन’’ का आयोजन किया जा रहा है। यह अनूठी पहल कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत के साथ पढ़ने की आदत को जोड़ेगी।
इसके अलावा, पूरे नौ दिनों तक प्रसिद्ध लेखकों से संवाद, पुस्तक विमोचन, कार्यशालाएं, बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधियां, मुशायरा और सूफियाना संगीत की शामें इस उत्सव को और अधिक जीवंत बनाएंगी। शनिवार को उद्घाटन समारोह के बाद प्रख्यात विद्वान और शिक्षाविद् डॉ. हफीजुर रहमान द्वारा लिखित पुस्तक एन इंडियन मुस्लिम स्पीक्स का विमोचन किया जाएगा। पिछले वर्ष (2025) के गोजरी अनुवाद कार्यशाला में तैयार की गई 24 किताबों का संग्रह जारी होगा।
इसमें डोगरी-गोजरी (4), अंग्रेजी-गोजरी (6), कश्मीरी-गोजरी (4), उर्दू-गोजरी (5) और हिंदी-गोजरी (5) की पुस्तकें शामिल हैं, जो भाषाई विविधता को बढ़ावा देंगी। 12वीं शताब्दी के कश्मीरी इतिहासकार कल्हण की प्रसिद्ध कृति राजतरंगिणी के ऐतिहासिक पात्रों पर आधारित उपन्यासों की शृंखला जारी की जाएगी।
इनमें यशोवती : कश्मीर की यशस्वी स्त्री शासक, ललितादित्य : कश्मीर के चक्रवर्ती सम्राट, जयापीड : कश्मीर के पराक्रमी सम्राट, कोटा रानी : साहस, बलिदान और कूटनीति की कथा और मातृगुप्त : कश्मीर के न्यायप्रिय राजा शामिल हैं।
साहित्यिक सत्रों में देश के जाने-माने लेखक, पत्रकार, शिक्षाविद् और फिल्म निर्माता भाग लेंगे। इन सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, पत्रकारिता और कहानी वाचन, उर्दू और कश्मीरियत, बहुभाषी शिक्षा, महिला नेतृत्व, युवा और स्थिरता, भारतीय सिनेमा में उर्दू का योगदान और कश्मीर की साहित्यिक विरासत जैसे गंभीर और ज्ञानवर्धक विषयों पर चर्चा होगी।
उपायुक्त ने दिखाई शिकारा रैली को हरी झंडी
श्रीनगर के उपायुक्त अक्षय लाब्रू ने एसकेआईसीसी में बृहस्पतिवार को सुबह चिनार बुक फेस्टिवल के प्रचार के लिए शिकारा रैली को हरी झंडी दिखाई। उपायुक्त ने श्रीनगर और आसपास के सभी बच्चों, युवाओं और आम जनता से इस फेस्टिवल में हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से निशुल्क है और इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की बौद्धिक क्षमता, कलात्मक प्रतिभा और व्यक्तित्व को निखारना है।
कक्षा से बाहर पढ़ाई, बच्चों के लिए खास इंतजाम :
मेले में बच्चों के लिए विशेष रूप से ‘’चिल्ड्रन्स कॉर्नर बनाया गया है, जहां रचनात्मक कार्यशालाएं और कहानी सुनाने के सत्र होंगे। वहीं, तकनीकी युग को देखते हुए डिजिटल रीडिंग कॉर्नर की व्यवस्था की गई है। आगंतुक एनबीटी के ‘’राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय मंच का भी अनुभव कर सकेंगे, जहां हजारों ई-बुक्स मुफ्त में उपलब्ध होंगी। इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण 5के रीडिंग रन - टुगेदर वी रीड, टुगेदर वी लीड होगा, जो शिक्षा सप्ताह 2026 का एक प्रमुख हिस्सा है।