जम्मू। वह दिन दूर नहीं जब लोग शाही अंदाज में शादी समारोह आयोजित करने के लिए जम्मू में आया करेंगे। राजस्थान की तरह जम्मू भी शाही शादी समारोहों के लिए जाना जाएगा। इसके लिए यहां की सांस्कृतिक एवं विरासत की पहचान ऐतिहासिक मुबारक मंडी हेरिटेज काॅम्प्लेक्स के कई हिस्सों को विकसित किया जाएगा।
मंदिरों के शहर को विवाह पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के संस्कृति विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। विभाग की तैयार कार्ययोजना में मुबारक मंडी परिसर स्थित रानियों के महल समेत अन्य भवनों का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर जीर्णोद्धार किया जाएगा।
जीर्णोद्धार के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर को नियुक्त किया जा रहा है। वह इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना को पीपीपी मॉडल पर शुरू करनेे लिए वित्तीय, तकनीकी, कानूनी और व्यावसायिक मार्गदर्शन देंगे।
संस्कृति विभाग ने एडवाइजर की नियुक्ति के लिए पहले भी टेंडर किया था, लेकिन एक ही कंपनी ने दिलचस्पी ली थी। इसलिए अब अधिक से अधिक कंपनियों को जोड़ने के लिए फिर से टेंडर किया जा रहा है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हेरिटेज साइट जैसे स्थानों से लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी होती हैं। ऐसे में वहां काम करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। इसलिए बिना किसी कानूनी अड़चन और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाए जीर्णोद्धार किया जाना है। इस तरह के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए उन्हें आत्मनिर्भर प्रणाली के रूप में तैयार करना समय की मांग है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात जैसे प्रदेशों में ऐतिहासिक हेरिटेज स्थलों को विकसित किया है जो अब न सिर्फ आत्मनिर्भर प्रणाली है, बल्कि सरकार के राजस्व का स्रोत के साथ शाही शादियों को केंद्र भी है। इसी तरह जम्मू को विकसित करने की तैयारी है।
बड़े होटल ग्रुप आगे आए, जुड़ने की जताई इच्छा
मुबारक मंडी कांप्लेक्स में रानी बंद्राली महल, राजा अमर सिंह की रानियों का महल, रानी गुलेरी महल, रानी चाढ़की महल, राजा राम सिंह की रानियों का महल और नवा महल आवासीय थे। इन्हें रहने के काबिल बनाया जाएगा। हेरिटेज होटल के अलावा अन्य सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इस पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के लिए कई बड़े ग्रुप ने दिलचस्पी दिखाई है। इसमें पार्क होटल ग्रुप, आईटीसी, एमआरएस ग्रुप जैसे बड़े ग्रुप ने निवेश के तैयार है। इससे राजस्थान की तरह जम्मू भी शाही शादियों का नया ठिकाना बन सकेगा।
::कोट::
सरकार संभावना तलाश रही है। मुबारक मंडी में आवासीय भवनों का पीपीपी मोड पर जीर्णोद्धार किया जाना है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब में वहां की सरकारों ने हेरिटेज काॅम्प्लेक्स को विकसित किया। जम्मू-कश्मीर सरकार भी इसकी संभावनाएं का पता लगा रही कि इसे किस तरह किया जा सकता है।
-दीपका शर्मा, कार्यकारी निदेशक, मुबारक मंडी जम्मू हेरिटेज सोसाइटी