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दीये-चीड़ की लकड़ी से रोशन हो रही जिंदगी

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बिलावर। एक तरफ केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और प्रशासन घरद्वार पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने का दावा कर रहा है। सड़क और पानी के की सुविधा को तो छोड़िये कठुआ जिले के बिलावर के डुगैन ब्लॉक हर स्तर पर सरकारी अनदेखी का शिकार है। यहां की कई पंचायतों में आजतक बिजली सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों के चलते दो आज भी आदिवासी कालीन जीवन जीने को मजबूर हैं। ब्लॉक में दर्जनभर पंचायतों में बिजली सुविधा का नामोनिशान ही नहीं है।
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इन पंचायतों के करीब 200 गांवों के 500 परिवार चीड़ की लकड़ी और दीये की रोशनी में जीने को मजबूर हैं। इससे प्रशासनिक और सरकार अनदेखी ही कहें तो गलत नहीं होगा। यह बातें डुगैन ब्लॉक के चेयरमैन धर्म सिंह ने बिलावर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं। उन्होंने लोगों की पीड़ा उजागर करते हुए जमकर प्रशासन को घेरा और दूरदराज पिछड़े ब्लॉक की सुध लेने की गुहार लगाई।
उन्होंने कहा कि डुगैन ब्लॉक जिले सहित प्रदेश का सबसे पिछड़ा हुआ क्षेत्र है, जिसके लोग आज भी भगवान भरोसे जिंदगी काटने को मजबूर हैं। ब्लॉक के सदरौता ए, सदरौता बी, बांजल, भटवाल, गोड़ू फलाल व पटोडी सहित कई पंचायतों के कई वार्डों में आजतक सरकार बिजली उपलब्ध नहीं करवा पाई है। डुगैन ब्लॉक की नौ पंचायतों में से छह के कुछ वार्ड में आजतक बल्ब तक नहीं जला है। विद्यार्थी आज भी दीये या चीड़ की लकड़ियां जलाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। क्योंकि केरोसिन इन दिनों इलाके में उपलब्ध ही नहीं है। कई सरकारें आई और गईं, लेकिन आजतक आश्वासनों के सिवाए कुछ ही हासिल नहीं हो पाया है। चेयरमैन ने उपराज्यपाल से ब्लॉक में जल्द बिजली सुविधा मुहैया करवाने की मांग की है। इस मौके पर पंच विक्रम सिंह, कमलेश कुमार, अशोक कुमार, मूलराज, राज सिंह व मोहन सिंह आदि उपस्थित रहे।
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सौभाग्य योजना में शत प्रतिशत घरों को रोशन करने का लक्ष्य रखा गया है। मामला पहले भी उनके संज्ञान में आया है। बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता को इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
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ओम प्रकाश भगत, डीसी, कठुआ
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