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सैलाब में उजड़े आशियाने फिर बसाने की तैयारी

Sun, 28 Sep 2014 08:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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पिछले दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए सूड़े चक्क और अन्य गांव के बाढ़ पीड़ित अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने को जद्दोजहद में जुटे हैं। बाढ़ के पानी से तबाह हो चुके घर और जरूरत भर के सामान के बावजूद बाढ़ पीड़ित अपनी जिंदगी की गाड़ी को किसी तरह चलाने लगे हैं।
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बाढ़ के कारण तबाह हुए सामान को बाहर फेंक कर अपने बचे हुए घर और आंगन की मरम्मत कर रहे हैं, ताकि आने वाली सर्द रातों में छत नसीब हो सके। इसके अलावा बाढ़ के कारण पूरी तरह से तबाह हुए सूड़े चक्क में स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल की कक्षाओं और ग्राउंड में अब विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की चहल-पहल देखने को मिल रही है।

बारिश और बाढ़ के कारण स्कूल में रखी किताबों और अन्य फाइलों की अलमारी पूरी तरह से खराब हो गई थी। स्कूल में कार्यरत शिक्षिका ताहिरा चौधरी, मिड डे मील इंचार्ज मनमीत और सुनीता ने बताया कि बारिश से स्कूल में बने पुराने कमरों की जर्जर हालत हो गई थी। जर्जर कमरों को तोड़कर अब नए कमरे बनाए जा रहे हैं।
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जो कम क्षतिग्रस्त कमरे हैं, उनकी मरम्मत कर रंग-रोगन किया जा रहा है। स्कूल में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों के लिए शौचालयों की बहुत ही ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी स्कूल परिसर में अस्थायी रूप से शौचालय बनाया गया है। सूड़े चक्क की रजनी ने बताया कि कई विभागों के आला अधिकारी और नेता आते हैं।

पुनर्वास विभाग की ओर से उन्हें राहत चेक भी मिला था लेकिन चेक पर नाम गलत होने से अब चेक पर सही नाम लिखवाने के लिए उनके पति को भागदौड़ करनी पड़ रही है। कुलियां के राज कुमार ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को चेक मिल रहे हैं लेकिन विभाग की ओर से जारी राहत राशि घरों की मरम्मत के लिए कम पड़ रही है।

सूड़े चक्क की मंगो देवी और बुजुर्ग गिरधारी लाल ने बताया कि बाढ़ से उनका घर और अन्य सामान नष्ट हो गया है। पूरी उम्र मेहनत मजदूरी करके अपना घर और सामान तैयार किया था लेकिन एक ही झटके में सब बर्बाद हो गया। गिरधारी लाल ने बताया कि अब उन्हें टेंट में रहना पड़ रहा है।
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