समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों समेत प्रशासन, पुलिस, सुरक्षाबलों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान यह सामने आया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना वैध पंजीकरण के जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं, जिससे पंजीकृत श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस पर उपराज्यपाल ने कहा कि यात्रा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन निर्धारित संख्या में ही संचालित की जा रही है, इसलिए पंजीकरण की निर्धारित तिथि का पालन करना सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उसी श्रद्धालु को पवित्र गुफा की ओर जाने वाले यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति दी जाएगी, जिसके पास निर्धारित तिथि का वैध यात्रा पंजीकरण होगा। बिना पंजीकरण आने वाले श्रद्धालुओं से कुछ दिन यात्रा स्थगित करने और पहले अनिवार्य पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
उपराज्यपाल ने सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंगर समितियों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवी संगठनों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुचारु और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।