उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को देश के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर जम्मू-कश्मीर के शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। ऑनलाइन कार्यक्रम में उपराज्यपाल ने शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। उपराज्यपाल ने कोरोना महामारी के दौरान शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि शिक्षकों ने समाज को दिखाया है कि कठिन समय को भी अवसर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
उपराज्यपाल ने अगले वर्ष से शिक्षकों के लिए केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर पुरस्कार देने की घोषणा की। कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा विकास का आधार हैं। एक समाज को इन दो क्षेत्रों में उपलब्धियों से आंका जाता है। हमारी सभ्यता शिक्षा के प्रदाताओं-शिक्षकों को एक कदम ऊपर रखती है।
कार्यक्रम में उपराज्यपाल ने औपचारिक रूप से अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन स्कीम (ईसीसीई) को ऑनलाइन मोड के माध्यम से लांच किया। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को 20 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाएं भी समर्पित कीं। यह केन्द्र शासित प्रदेश में शिक्षा को विकसित करने में सहायक होंगी। इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) का भी उद्घाटन किया। बताया कि एससीईआरटी पूरी तरह से एनसीईआरटी की तर्ज पर यूटी में कार्य करेगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश नए मिशन और प्रगति के मार्ग पर चल पड़ा है। केंद्र सरकार ने इस भूमि के लोगों की शांति और समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। मौके पर सलाहकार केके शर्मा, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, प्रधान सचिव बिपुल पाठक, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा और कौशल विकास डॉ. असगर हसन सामून, जेकेबीओएसई अध्यक्ष प्रो वीणा पंडिता व अन्य मौजूद रहे।