उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को आवाम की आवाज कार्यक्रम में बदलाव लाने वालों की प्रेरक कहानियों को साझा किया। उन्होंने जम्मू कश्मीर की वास्तविक विकास क्षमता का एहसास करने के लिए सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में बदलाव ला रहा है। कहा कि हमारा सामूहिक प्रयास एक अधिक प्रगतिशील, विकासोन्मुखी और आकांक्षी समाज बनाना है।
अगले 25 वर्षों की यात्रा के लिए एक मजबूत नींव रखना है। कश्मीर संभाग में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज कराते हुए तिलहन फसलों के साथ ‘पीली क्रांति’ के रूप में दिख रहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि इससे लोगों के लिए अधिक उद्यमशीलता के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक इस साल सिर्फ कश्मीर घाटी में 800 करोड़ रुपये का सरसों तेल का उत्पादन होगा। इससे जम्मू-कश्मीर सरसों के तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। उपराज्यपाल ने बसोहली पेंटिंग की जीआई-टैगिंग के लिए जम्मू कश्मीर के लोगों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बसोहली पेंटिंग जम्मू क्षेत्र का पहला स्वतंत्र जीआई-टैग उत्पाद बन गया है।
यह ग्राहकों को प्रामाणिक उत्पाद तक पहुंच प्रदान करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी बढ़ावा देगा। उपराज्यपाल ने स्व-निर्मित महिला उद्यमियों, राजोरी की शालिनी खोखर और पट्टन की शमशादा बेगम की प्रेरक यात्रा को साझा किया।
उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता, दृढ़ विश्वास और साहस के साथ वह एक आधुनिक, मजबूत और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।