डाउन टाउन इलाका अभी तक गलत कारणों से चर्चा में रहा है, परंतु अब यह खिलाड़ियों का नया पता है। यह बात उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को यहां चार करोड़ की लागत से निर्मित इलाही बाग इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम का उद्घाटन के मौके पर कही। इस स्टेडियम का निर्माण प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत किया गया है।
उप राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा है कि शहर के इस क्षेत्र को खेल गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इससे युवा खेल में गौरव हासिल करने के लिए दृढ़ हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान डाउनटाउन में खेल गतिविधियां बढ़ी हैं। बड़ी संख्या में युवा आगे आ रहे हैं।
डाउनटाउन श्रीनगर के कई युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी योग्यता साबित की है। वह दिन दूर नहीं जब हम यहां के युवाओं को ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए देखेंगे। नायकों की एक नई पहचान जम्मू-कश्मीर और देश के लिए सम्मान अर्जित करेगी।
एलजी ने कहा, कुल 12 खेल मैदान, मिनी-स्टेडियमों को श्रीनगर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा विश्व स्तर की सुविधाओं के साथ युवा प्रतिभाओं के पोषण के लिए अपग्रेड किया गया है। शहर के युवाओं में तिरंगे को ऊंचा देखने के दृढ़ संकल्प ने फुटबॉल और अन्य खेलों की विरासत को पुनर्जीवित किया है।
उन्होंने कहा कि हमने सुनिश्चित किया है कि 2019 से पहले खिलाड़ियों के सामने आने वाली कठिनाइयों का सामना हमारी नई पीढ़ी के खिलाड़ी न करें। इसके लिए उनके कौशल को सुधारने और उन्हें अधिक अवसर प्रदान करने के लिए हर समर्थन दिया जाए।
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स कौंसिल खेल प्रतिभाओं की तलाश कर रही है ताकि उन्हें प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उपराज्यपाल ने युवाओं से सादिया तारिक, शौकत अहमद और दानिश फारूक जैसे चैंपियन से प्रेरणा लेने के लिए कहा जो अपने संबंधित खेल अनुशासन में खुद को समर्पित करते हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि शहर-ए-खास के फुटबॉल के साथ नून-चाय की चर्चा पूरे देश में हो रही है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को एक नई पहचान देता है और स्पोर्ट्स काउंसिल और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर खिलाड़ी को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ खेलने और एक चैंपियन की पहचान अर्जित करने का मौका मिले।
उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में हो रहे चहुंमुखी विकास से निहित स्वार्थ वाले कुछ लोग बौखला गए हैं। हमारे कई युवाओं को गुमराह करने का भी प्रयास किया गया। हमारे बच्चों को गुमराह करने वालों का पूरा परिवार देश-विदेश के बड़े शहरों में आराम से जीवन जी रहा है जबकि हमारे बच्चों को भुगतना पड़ा है।
सभ्य समाज में ऐसे तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। शहर-ए-खास के स्थानीय निवासियों और स्पोर्ट्स क्लब के सदस्यों की विभिन्न मांगों पर उपराज्यपाल ने मौके पर निर्देश दिए और उन्हें हर मुद्दे को प्राथमिकता से हल करने का आश्वासन दिया।
मौके पर मौजूद युवाओं ने कश्मीर को नशा मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया। उपराज्यपाल ने नवनिर्मित इंडोर स्टेडियम का दौरा किया, युवा खिलाड़ियों से बातचीत कर सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, सरमद हफीज, सचिव, यूथ सर्विसेज एंड स्पोर्ट्स, नुजहत गुल, सचिव जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स कौंसिल के अलावा प्रमुख खेल हस्तियां और बड़ी संख्या में लोग और युवा उपस्थित थे।