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अमर उजाला छात्र सम्मान समारोह: एलजी बोले- शिक्षा वही जो सिलेबस में न उलझाए, छात्रों को सवाल पूछना सिखाएं

Fri, 11 Nov 2022 12:12 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय (स्कॉस्ट) में अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह वीरवार को हुआ। इसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 10वीं और 12वीं कक्षा के जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, राजोरी, पुंछ और रामबन के मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र और पदक देकर सम्मानित किया। 
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अमर उजाला छात्र सम्मान समारोह में मौजूद छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, शिक्षा वो नहीं जो सिलेबस में ही उलझाए रखे, बल्कि असल पढ़ाई तो वह है, जो सवाल पूछना सिखाए। स्कूलों में क्लासरूम असल में बच्चों की जिज्ञासा जागृत करने के केंद्र होने चाहिए। शिक्षकों को किताबों में विद्यार्थियों को रट्टाने के बजाय उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा। आज बच्चों में किसी विषय पर क्यों और कैसे की सोच खत्म हो रही है। वे पाठ्यक्रम में उलझकर रह गए हैं।

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अमर उजाला छात्र सम्मान समारोह में मौजूद छात्र - फोटो : अमर उजाला
क्लासरूम में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ जिज्ञासा, रचनात्मक, और आलोचनात्मक सोच पर काम करना होगा। इसी मूल मंत्र से वास्तविकता में शिक्षा प्रणाली में सुधार आएगा। एलजी वीरवार को शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय (स्कॉस्ट) जम्मू में अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोड के 10वीं और 12वीं कक्षा के जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, राजोरी, पुंछ और रामबन के मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र और पदक देकर सम्मानित किया। 

अमर उजाला सम्मान समारोह में छात्रों को सम्मानित करते एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा, विद्यार्थी के लिए सबसे बड़ी शक्ति है आलोचनात्मक सोच और जिज्ञासा की असली पहचान करना। गंभीर सोच और जिज्ञासा एक छात्र को साहस, देखभाल और सहयोग के मूल्यों को अर्जित करने में मदद करती है। शिक्षा प्रणाली में ज्ञान और मूल्य समय की जरूरत है। कक्षा में छात्रों की क्षमता को प्रोत्साहित किया जाए। नवाचार और आविष्कार की संस्कृति छात्रों को भविष्य की चुनौतियों में आत्मविश्वास से निपटने और क्षमताओं में राष्ट्र निर्माण में योगदान करने में सक्षम बनाती है।

अमर उजाला सम्मान समारोह में छात्रों को सम्मानित करते एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
सभी के लिए शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास में हमने स्कूल छोड़ने की दर को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। पिछले साल नामांकन अभियान में 14.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में शिक्षा क्षेत्र को बदलने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।

अमर उजाला सम्मान समारोह में छात्रों को सम्मानित करते एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
बेटियों की शिक्षा के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। देश के प्रमुख शिक्षाविदों को जम्मू-कश्मीर की उच्च शिक्षा परिषद का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। एलजी ने कहा, हम मानव संसाधन की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार कर रहे हैं। किसी विद्यार्थी के जीवन में क्यों और कैसे शब्द उतने ही जरूरी हैं, जितना जीने के लिए सांस लेना। लेकिन बीते कुछ समय से सीखने की यात्रा में क्यों और कैसे शब्द गायब हो गए हैं। उप राज्यपाल ने मेधावी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। 

अमर उजाला सम्मान समारोह में छात्रों को सम्मानित करते एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला

उपहार में मिली नई शिक्षा नीति, इसका फायदा उठाएं

सिन्हा ने कहा कि नई पीढ़ी को नई शिक्षा नीति उपहार में मिली है, जिसका उद्देश्य हर विद्यार्थी को सवाल पूछने के लिए प्रेरित करना है। यह पाठ्यक्रम से हटकर विद्यार्थी में जिज्ञासा पैदा करने का काम कर रही है। इसका फायदा उठाएं। किसी भी विद्यार्थी के पास सबसे बड़ी शक्ति जिज्ञासा होती है, जो देश के स्वर्ण भविष्य का निर्माण करती है। यही जिज्ञासा जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आगे लाएगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन कदम उठा रहा है। स्कूली शिक्षा में पाठ्यक्रम में जरूरी परिवर्तन करने के साथ उच्च शिक्षा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। 

अमर उजाला सम्मान समारोह में छात्रों को सम्मानित करते एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला

दबाव न बनाएं अभिभावक बच्चों में आत्मविश्वास जगाएं

उप राज्यपाल ने कहा, अभिभावक अनावश्यक रूप से बच्चों पर दबाव न डालें। बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सहयोग करें। जिज्ञासा और बेहतर सोच से लक्ष्य को हासिल किया जाता है। नई शिक्षा नीति बच्चों में बदलाव लाएगी और उसी दिशा में सोचने व काम करने की जरूरत है। प्रदेश के 28805 स्कूलों में 27 लाख 18000 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर देश में ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है, यहां 12वीं तक कोई फीस नहीं ली जा रही। विद्यार्थियों को स्कूल बैग के साथ पुस्तकें और छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। समारोह में अमर उजाला के समूह सलाहकार संपादक उदय कुमार, सलाहकार राजीव राय भटनागर, स्कॉस्ट जम्मू के वीसी प्रो. जेपी शर्मा, मेयर राजिंद्र शर्मा, डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण भी उपस्थित थे।

अमर उजाला सम्मान समारोह में छात्रों को सम्मानित करते एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला

ऐसे सिलेबस में तो न्यूटन, गैलीलियो भी फेल हो जाएं

एलजी ने कहा, हमारी शिक्षा का सिलेबस इस कदर जटिल और कठिन है, जिसमें न्यूटन और गैलीलियो भी फेल हो जाएं। उन्होंने कहा, पिछले दिनों वह सीमावर्ती गांव में बैक-टू विलेज कार्यक्रम में गए। अंग्रेजी की किताब में जो शब्द लिखे थे, उसे चंद बड़े अफसरों को छोड़ कोई अन्य समझ भी नहीं पाएगा। ऐसी पढ़ाई बच्चों की जिज्ञासा को खत्म कर देती है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार से कहा कि पाठ्यक्रम को सरल बनाएं। 

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अमर उजाला सम्मान समारोह में छात्रों को सम्मानित करते एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला

पांच साल तक के बच्चे 300, जबकि किशोर रोजाना पूछते हैं मात्र 3 सवाल

उप राज्यपाल ने कहा कि अमेरिका के प्रोफेसर जॉन कोफिन के शोध में पता चला है कि पांच साल का बच्चा हर रोज लगभग 300 सवाल पूछता है और 15 साल का किशोर मात्र तीन सवाल पूछता है। 35 हजार विद्यार्थियों पर किए गए इस शोध में यह तथ्य सामने आए। लेकिन ऐसी कौन सी पढ़ाई का तरीका है, जिसमें 10 साल के अंतराल के 297 सवाल गायब हो गए हैं, यह चिंताजनक है। हमारी शिक्षा का फोकस पाठ्यक्रम के साथ इन सवालों पर भी होना चाहिए।
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