उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए, यात्रियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराया जाए और यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न होने पाए। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की सैर कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालु यहां की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से भी परिचित हो सकें।
उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जब श्रद्धालु अपने घर लौटें तो वे जम्मू की खूबसूरत यादों के साथ यहां के हस्तनिर्मित उत्पाद भी अपने साथ लेकर जाएं।
सीआईएसएफ महानिदेशक ने भी परखी सुरक्षा व्यवस्था
इधर, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने भी बुधवार को भगवती नगर आधार शिविर का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने संयुक्त पुलिस कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और तवी रिवर फ्रंट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सेवाओं, अग्निशमन तैयारियों और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।
प्रवीर रंजन ने सुरक्षाबलों के जवानों और श्रद्धालुओं से भी बातचीत की तथा सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सतर्कता और हर समय तैयार रहने की आवश्यकता पर बल दिया। बाद में उन्होंने सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक भी की।
उन्होंने यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि सभी बल इसी समर्पण और समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।