एलजी ने कहा कि दिनकर भारत के महानतम कवियों में से एक बड़े बुद्धिजीवी एवं राष्ट्रीय प्रतीक हैं, जिन्होंने हिंदी साहित्य में वीरता और साहस की शैली को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को बेगुसराय के सिमरिया का दौरा किया। यहां राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती कार्यक्रम में भाग लिया। राष्ट्रकवि को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपराज्यपाल ने साहित्य के क्षेत्र में रामधारी सिंह दिनकर के महत्वपूर्ण योगदान और समाज और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा को याद किया।
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उपराज्यपाल ने कहा कि मैं महान स्वतंत्रता सेनानी, लेखक और सांसद की स्मृति को नमन करता हूं, जो युवा पीढ़ी को प्रेरित करते रहते हैं। दिनकर निस्संदेह भारत के महानतम कवियों में से एक बड़े बुद्धिजीवी एवं राष्ट्रीय प्रतीक हैं, जिन्होंने हिंदी साहित्य में वीरता और साहस की शैली को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपराज्यपाल ने कहा कि सामाजिक मूल्यों, जन आकांक्षाओं और कल्याण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता अद्वितीय है। स्मृति समारोह में उपराज्यपाल ने युवाओं से रामधारी सिंह दिनकर के आदर्शों का पालन करने, धर्म के मार्ग पर चलने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने को कहा। उन्होंने कहा कि आज भी हम भारत की शक्ति और साहस की आकांक्षा में उसके आदर्शों, संकल्प और आत्मविश्वास में दिनकर जी का प्रतिबिंब देख सकते हैं।
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इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दिनकर जी के उच्च आदर्श साहित्य और राजनीति के बीच की कड़ी हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।