उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि आज तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। इनसे औपनिवेशिक विरासत की सदियों पुरानी बेड़ियां टूट गई हैं। ये नए कानून दमनकारी औपनिवेशिक ढांचे से हटकर सभी के लिए न्याय और समानता सुनिश्चित करेंगे। श्रीनगर में पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यान्वयन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।
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उपराज्यपाल ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर आधारित ये कानून अधिक मानवीय और न्यायपूर्ण व्यवस्था की ओर एक बड़े बदलाव को दर्शाते हैं। स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित ये सुधार, कमजोर लोगों की रक्षा करने और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा, 'तीन नए कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम- के लागू होने से औपनिवेशिक विरासत की सदियों पुरानी बेड़ियां टूट गई हैं। ये नए कानून दमनकारी औपनिवेशिक ढांचे से हटकर सभी के लिए न्याय और समानता सुनिश्चित करेंगे।'
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समारोह में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी आरआर स्वैन और सभी जिलों के अधिकारी व अन्य मौजूद रहे।