उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रकृति के उपहार और समृद्ध औषधीय पौधों से युक्त है, जो आयुष में स्टार्ट अप और व्यावसायिक इकाइयों को बढ़ावा देगा। यूटी में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन स्थल पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग, पटनीटाप, कटड़ा और गोल्फ कोर्स जम्मू में छह विशेष आयुष कल्याण केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जिसमें तीन केंद्रों को चालू कर दिया गया है।
उप राज्यपाल ने शुक्रवार को कश्मीर विश्वविद्यालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन-हील इन इंडिया, हील वाय इंडिया पर राष्ट्रीय आयोग इंडिया सिस्टम ऑफ मेडिसन (आईएसएम) आयुष मंत्रालय की ओर से आयोजित परामर्श बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिए आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज व अस्पताल अखनूर, यूनानी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल गांदरबल और 442 आयुष डिस्पेंसरियों में सुधार किया गया है।
जम्मू कश्मीर में आयुष माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत बनाने के लिए कुलगाम, कठुआ, कुपवाड़ा, किश्तवाड़ और सांबा जिले में 50-50 बिस्तर वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों को मंजूरी दी गई है। बैठक के दौरान आईएसएम को बढ़ावा देने के लिए विचारों के आदान-प्रदान और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के महत्वपूर्ण घटक हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री और यूटी में हेल्थ केयर फैसिलिटी रजिस्ट्री के कार्यान्वयन के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।
उन्होंने बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और लोगों को विश्व स्तरीय सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रयासों को साझा किया। भारत दुनिया की सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणालियों का घर है। यह केवल इलाज तक सीमित नहीं है। यह जीवन और भलाई को समग्र रूप से समझने का विज्ञान है।
योग और आयुष केंद्रों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के लिए आयुर्वेद की दृष्टि और लाभों को फैलाने का हमारा प्रयास है। इस दौरान वैद्य जयंत देव पुजारी अध्यक्ष राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग और प्रोफेसर (वैद्य) राकेश शर्मा अध्यक्ष नैतिकता और पंजीकरण बोर्ड ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उपकुलपति प्रो. निलोफर खान, स्वास्थ्य सचिव भूपेंद्र कुमार, एनएचएम मिशन निदेशक आयुषी सूदन व आयुष निदेशक मोहन सिंह मौजूद रहे।
129 और स्वास्थ्य व कल्याण केंद्र होंगे शुरू
उप राज्यपाल ने कहा कि मार्च तक 129 और स्वास्थ्य व कल्याण केंद्रों को शुरू कर दिया जाएगा। 17 नए आयुष औषधालयों को चालू किया गया है और चालू वित्त वर्ष से 17 और औषधालयों को चालू किया जाएगा। आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज अखनूर को 35 सीटों से शुरू किया गया है। इसी तरह युनानी मेडिकल कॉलेज गांदरबल से हर साल 60 चिकित्सक निकल सकेंगे।