जम्मू। कोविड-19 के लॉकडाउन के बीच मंगलवार को उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू और कश्मीर में शिक्षा परिदृश्य की समीक्षा के दौरान प्रदेश के सभी स्कूल भवनों की सुरक्षा का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उच्च और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को साइंस लेब में जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाने को कहा है। ग्रामीण इलाकों में भी शिक्षकों को भेजें।
एलजी ने स्कूल शिक्षा विभाग से कहा है कि वह इस बात को सत्यापित करें कि क्या विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बनाए गए शौचालय पूरी तरह सक्रिय हैं? साथ ही जल जीवन मिशन के तहत शौचालय और पाइप कनेक्शन की सुविधा सौ प्रतिशत उपलब्ध कराने के लिए कहा।
उपराज्यपाल ने ई-लर्निंग की पढ़ाई मजबूत बनाने के लिए संबंधित प्रशासन को एससी, एसटी और बैकवर्ड विद्यार्थियों को कंप्यूटर टेबलेट उपलब्ध करवाने दूर-दराज इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन को कहा। उन्होंने दूर और टेल-एंड स्कूलों में टीवी सेट स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि वे भी उन आभासी कक्षाओं तक पहुंच बना सकें। अकादमिक पाठ्यक्रम के संशोधन के लिए विशेषज्ञों की समिति का गठन करने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ असगर सामून ने बैठक में बताया कि लॉकडाउन के कारण स्कूलों के सामान्य कामकाज के अभाव में, छात्रों को स्थानीय केबल नेटवर्क दूरदर्शन, रेडियो और जेएंडके नॉलेज नेटवर्क के माध्यम से टेली-कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। आओ पढ़ें पहल के तहत, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने वीडियो पाठों का भंडार उपलब्ध कराया है जो इसकी वेबसाइट 222.स्रह्यद्गद्म.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर उपलब्ध है। बैठक में बताया गया कि एससी, एसटी और बीपीएल परिवारों से संबंधित 870864 छात्रों को दो सेट वर्दी के वितरण के लिए 5225.184 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है।
बैठक में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, प्रमुख सचिव योजना विभाग और सूचना विभाग रोहित कंसल, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ। असगर सामून, संभागीय आयुक्त कश्मीर पीके पोल, सचिव उच्च शिक्षा तलत परवेज रोहेला, निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग कश्मीर मुहम्मद यूनिस और निदेशक कॉलेज प्रो मुहम्मद यासीन मौजूद रहे।