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श्रीनगर में सीजेआई: कानूनी प्रक्रिया को आम लोगों के लिए और अधिक सुलभ बनाना चाहिए, इसके लिए सबकी भूमिका अहम

Sat, 01 Jul 2023 01:14 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आम नागरिकों खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े लोगों के लिए कानूनी प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाने के लिए केवल न्यायाधीशों की नहीं बल्कि पूरे समाज की भूमिका है। इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए। 
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श्रीनगर में कार्यक्रम के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और एलजी सिन्हा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में शुक्रवार को 19वीं अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा)  की बैठक हुई। इसका उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने किया। सीजेआई ने कहा कि नागरिकों के लिए कानूनी प्रक्रिया को सुलभ और सरल बनाने के लिए न्यायाधीशों, वकीलों और इससे जुड़े सभी लोगों की जिम्मेदारी है।

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उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक बाधाओं के कारण कई बार एफआईआर दर्ज करना कठिन हो जाता है। नागरिकों को अक्सर न्याय पाने के लिए वकीलों और पैरालीगल कार्यकर्ताओं की सहायता की आवश्यकता पड़ती है। आम नागरिकों खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े लोगों के लिए कानूनी प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाने के लिए केवल न्यायाधीशों की नहीं बल्कि पूरे समाज की भूमिका है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों (एसएलएसए) के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है कि सार्वजनिक पहुंच और मध्यस्थता के माध्यम से समान अवसर के आधार पर न्याय को बढ़ावा मिले। दूरदराज के क्षेत्रों में जागरूकता की कमी को देखते हुए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में लगभग 7 दशकों तक अनुच्छेद 370 ने केंद्रीय कानूनों को समाज के एक बड़े वर्ग को लाभ पहुंचाने से रोका। वैध नागरिकता के लाभ से भी वंचित कर दिया था। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से सामाजिक समानता और समावेशी विकास सुनिश्चित हुआ।

अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने से जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक सुधार और एक नया युग आया। आज केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को विशेषकर समाज के कमजोर वर्ग को संसद की तरफ से पारित किए गए कानूनों के लाभ मिल रहा है। अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण बैठक की मेजबानी राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जम्मू-कश्मीर सरकार और जम्मू-कश्मीर कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा की जा रही है।

इसमें उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश, कार्यकारी अधिकारी अध्यक्ष, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, अध्यक्ष, उच्च न्यायालय कानूनी सेवा समितियां, सदस्य सचिव, नालसा, सदस्य सचिव एससीएलएससी, सदस्य सचिव एसएलएसए, सदस्य सचिव एचसीएलएससी, एलएडीसीएस के सदस्य, पैनल वकील, कानून के छात्र, संकाय और विभिन्न कानून विश्वविद्यालयों के छात्र, और प्रमुख गैर सरकारी संगठनों के सदस्य भाग लेंगे।

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