सीमा क्षेत्र में माहौल इनता तनावग्रस्त है कि गोलीबारी की आवाज सुनते ही क्षेत्र में चल रहे शादी समारोह से लोग खाना बीच में ही छोड़कर निकल गए। वहीं सीमा के गांव चंगियां से जम्मू में गई बरात को दूल्हा, दुल्हन समेत पुलिस ने अरनिया के एकनाला पुल पर रोक लिया।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आठ दिन के भीतर पाकिस्तान ने दोबारा सीजफायर का उल्लंघन करते हुए अरनिया सेक्टर की सभी आठ पोस्टों पर भारी गोलाबारी की। इसमें बीएसएफ के दो जवान तथा चार नागरिक घायल हो गए। पाकिस्तान ने रिहायशी इलाके को भी निशाना बनाकर गोले दागे। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है और उसके कई पोस्ट तबाह होने और पांच से सात रेंजरों के भी मारे जाने की सूचना है।
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पाकिस्तान की अचानक फायरिंग से इलाके में लोग सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं। लोगों को घरों की बत्तियां बंद कर बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। ज्ञात हो कि इससे पहले 18 अक्तूबर को पाकिस्तान ने बिक्रम पोस्ट पर गोलाबारी की थी, जिसमें दो जवान घायल हो गए थे। बिक्रम पोस्ट पर जवान के पैर और हाथों में शेल के स्पिलिंटर लगे हैं, जबकि जब्बोवाल पोस्ट पर जवान के पैर में गोली लगी है। बिक्रम पोस्ट पर घायल जवान की पहचान कर्नाटक के बसपा राज के रूप में हुई है।
दोनों घायलों को मौके से निकालकर तत्काल जम्मू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। रिहायशी क्षेत्रों अरनिया, सुचेतगढ़, सई, जब्बोवाल व त्रेवा में पाकिस्तान के 25 से ज्यादा मोर्टार शेल गिरे हैं, जिससे वार्ड पांच के काशीपुरा इलाके में महिला रजनी बाला घायल हो गई। शेलिंग के बीच उसका घर में ही डॉक्टर मोबाइल पर परामर्श देकर इलाज करवा रहे हैं। गोलीबारी की घटना अरनिया सेक्टर की चिनाज पोस्ट से शुरू हुई और उसके बाद लगभग सभी पोस्ट पर होने लगी।
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बीएसएफ की तरफ से बॉर्डर क्षेत्र में अनाउंसमेंट करवाकर लोगों को बिजली के बल्ब बंद करके घरों में रहने की हिदायत दी गई है। साथ ही अरनिया सहित सीमा क्षेत्र में हाईअलर्ट कर दिया है। पुलिस ने सीमा की तरफ जाते सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग करके वाहनों की तलाशी शुरू की है। बाहर निकले लोगों को घर लाैटने के लिए कहा जा रहा है। रिहायशी क्षेत्रों में गोलीबारी से लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया है।
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान को हुए नुकसान का सुबह पता चल सकेगा। अरनिया व त्रेवा इलाके में रह रहे प्रवासी मजदूरों ने वहां से निकलना शुरू कर दिया है। कुछ गांवों में कई परिवार वाले वहां बने बंकरों में भी शरण लेने पहुंचे, लेकिन वहां की हालत दयनीय होने के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
शादियों के सीजन के चलते लोगों में भय
अरनिया कस्बे में वैवाहिक स्थलों पर भी अफरातफरी देखी गई। इस समय शादियों का सीजन चल रहा है और रात्रि में कई शादियां है। इनमें आए मेहमान गोलाबारी को लेकर दहशत में आ गए। बहुत से लोग बीच में ही समारोह छोड़कर घरों की ओर रवाना होते हुए दिखे। पूरे इलाका सुनसान हो गया है। किसी भी वाहन को चलने की इजाजत नहीं है।
शादियों से लोग भोजन छोड़ कर निकले
सीमा क्षेत्र में माहौल इनता तनावग्रस्त है कि गोलीबारी की आवाज सुनते ही क्षेत्र में चल रहे शादी समारोह से लोग खाना बीच में ही छोड़कर निकल गए। वहीं सीमा के गांव चंगियां से जम्मू में गई बरात को दूल्हा, दुल्हन समेत पुलिस ने अरनिया के एकनाला पुल पर रोक लिया। पुलिस ने बरात के लोगों को गांव में नहीं जाने के लिए कहा लेकिन काफी देर तक चली बातचीत के बाद बरात को जाने दिया गया। इसके साथ ही हाई अलर्ट के चलते पुलिस ने हर सीमावर्ती सड़क पर नाकाबंदी कर रखी है। किसी को भी न गांव की तरफ जाने दिया जा रहा न ही उधर से आने दिया जा रहा है जब तक कि बहुत जरूरी काम न हो।
प्रशासन सीमावर्ती गांवों तक नहीं पहुंचा, एकनाला पुल पर ही डेरा डाला
प्रशासन की तरफ से एक भी अधिकारी रात 8 बजे से 12 बजे तक सीमा के गांवों में स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा था। प्रशासन के अधिकारियों ने अरनिया कस्बे के सबसे सुरक्षित स्थान एकनाला पुल पर डेरा डाल रखा है। रात 12 बजे के करीब जम्मू के डीसी सचिन कुमार वैश्य भी मौके पर पहुंचे और हालात को जायजा लिया। अभी किसी भी अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया है।
अरनिया पुलिस के पास एक भी बुलेट प्रूफ गाड़ी नहीं, जम्मू से दो मंगवाईं
गोलीबारी के बीच सरकारी व्यवस्थाओं की भी पोल खुली है। बीते कुछ हफ्तों से अरनिया की बिक्रम पोस्ट पर यह गोलीबारी की तीसरी घटना हो गई है लेकिन अरनिया पुलिस के पास एक भी बुलेटप्रूफ गाड़ी नहीं है। गाड़ी नहीं होने के चलते गांव में घायल महिला डेढ़ घंटे तक दर्द से तड़पती रही लेकिन उसके लाया नहीं जा सका। किसी तरह से सरकारी अस्पताल के स्टाफ ने हिम्मत दिखाकर एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया। अगर सीमावर्ती पुलिस थाने के पास बुलेटप्रूफ गाड़ी होती तो महिला तो गोलीबारी के बीच भी लाया जा सकता था। अभी पुलिस ने जम्मू से दो बुलेटफ्रूफ गाड़ियां मंगवाई हैं ताकि घायलों को तुरंत निकाला जा सके।
सुविधाएं न के बराबर, छुपने के लिए बनाए बंकर कचरे से भरे, लोग बोले-कहां जाएं
पाकिस्तान से सटे सीमा क्षेत्र में आए दिन माहौल खराब होने के चलते प्रशासन ने यहां पर बंकर बनाए थे ताकि आपात स्थिति में लोग यहां छुपकर जान बचा सकें लेकिन प्रशासनिक लापरवाही से यह बंकर कचरे से अटे पड़े हैं। इनकी लंबे समय से सफाई ही नहीं करवाई गई जिससे इनमें सांप-बिच्छु होने का भय है। लोगों ने कहा कि गोलीबारी से तो शायद बच भी जाएंगे लेकिन इन बंकरों में गए तो मारे जाएंगे। यहां बच्चों को कैसे रख सकते हैं। बता दें कि अरनिया की 70 हजार के करीब आबादी और 25 के करीब सीमा से सटी पंचायतों के लिए इन बंकरों का निर्माण किया गया था लेकिन आज जब लोगों की जान पर बन आई है तो इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।