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आतंक की राह को छोड़ मुख्यधारा में लौट रहे रास्ता भटके युवा, हाल ही में 10 ने किया समर्पणः डीजीपी

Wed, 13 Jan 2021 12:10 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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डीजीपी दिलबाग सिंह - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंक का रास्ता छोड़ भटके युवा लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के दौरान अपील पर आत्मसमर्पण के दस मामले सामने आ चुके हैं। यह दर्शाता है कि रास्ता भटकने वाले युवाओं में मुख्यधारा के प्रति भरोसा बढ़ रहा है। कठुआ पहुंचे डीजीपी ने कहा कि आतंक का सपोर्ट सिस्टम पिछले वर्ष ध्वस्त किया गया है। 225 आतंकियों को अलग-अलग एनकाउंटर में ढेर किया गया, जबकि 50 जिंदा पकड़े गए हैं। 600 से ज्यादा ओवरग्राउंड वर्करों को पकड़ कर विभिन्न मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है, जो आगे भी जारी रहेगी।

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उन्होंने कहा कि लोग पाकिस्तान की साजिशों को पहचानने लगे हैं। युवा  अपनी जिंदगी को जीना और बदलना चाहते हैं। डीजीपी ने कहा कि कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से कहर बरपा है। जो बर्बादी का आलम पाकिस्तान समर्थित एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए शुरू किया था, उसमें हजारों की तादाद में लोगों की जानें गई हैं। आम शहरी, पुलिस कर्मियों, सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ आतंकी भी मारे गए हैं। आतंकियों के परिवार भी महसूस करते हैं कि उन्होंने अपने परिवार का सदस्य खोया है।

पुलिस महानिदेशक ने कश्मीर के युवाओं से अपील है कि बहकावे में आकर बंदूक उठाकर अपने ही लोगों का कत्ल करने के बर्बादी के रास्ते को छोड़कर अमन का रास्ता चुनें। पाकिस्तान आतंक के बीज बोता रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंक के उस पौधे को काटकर काफी नीचे ला चुकी है। आने वाले समय में उसकी जड़ें भी खत्म कर दी जाएंगी।

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