विधानसभा सत्र के अंतिम दिन नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उमर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को बचाने के मकसद से ही जानबूझकर इतना संक्षिप्त सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने कहा-सरकार ने 100 वादे किए थे, लेकिन परफॉर्मेंस 0 रही है।
शर्मा ने दावा किया कि सत्तापक्ष के विधायकों ने खुद अपनी ही सरकार के मंत्रियों को कटघरे में खड़ा कर दिया, जिससे विपक्ष के इस आरोप पर मुहर लग गई कि सरकार नाकाम और अप्रभावी साबित हुई है। विधानसभा में पारित प्रस्ताव पर उन्होंने इसे असांविधानिक, गैर-संसदीय और गैर-कानूनी बताया।
शर्मा ने कहा, जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान या अलग झंडे की बात को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस असांविधानिक कदम पर जांच एजेंसियों से भी संज्ञान लेने की मांग की। सरकार के खिलाफ प्रॉमिसिज वर्सेज परफॉर्मेंस का डोजियर जारी करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष पर सांविधानिक मर्यादा और गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रस्ताव को विधि विभाग और मुख्य सचिव ने अवैध ठहराया था, उसे सदन में पारित करा दिया गया।
मुख्यमंत्री उमर पर गोपनीयता की शपथ का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। शर्मा ने कहा, सीएम ने विधायकों की व्यक्तिगत बातचीत को सदन में उजागर कर मर्यादा लांघी है, जबकि अगर विपक्ष सत्तापक्ष के विधायकों की कही बातों को सार्वजनिक कर दे तो मुख्यमंत्री का सदन में बैठना भी मुश्किल हो जाएगा। शर्मा ने घोषणा की कि वे सरकार के खिलाफ प्रॉमिसिज वर्सेज परफॉर्मेंस'' का डोजियर जारी कर रहे हैं।