राज्य के नए शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल कर रहे अस्थाई शिक्षकों पर शुक्रवार रात को पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। पुलिस ने लाठियां बरसाने के साथ अस्थाई शिक्षकों के एसोसिएशन के नेताओं को भी हिरासत में ले लिया। लाठीचार्ज में करीब दर्जन भर अस्थाई शिक्षकों को चोटें आई हैं।
अस्थाई शिक्षकों का कहना था कि पुलिस ने सोची समझी साजिश के तहत उन पर लाठियां बरसाई हैं। महिला अस्थाई शिक्षकों पर भी पुरुष पुलिस कर्मियों ने लाठियां बरसाई हैं, जोकि पूरी तरह से गलत है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब छह बजे पुलिस कर्मियों व अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों को उठाने के लिए समझाना शुरू किया।
शिक्षकों ने पुलिस से अपील की कि वह शांतिपूर्ण तरीके से सुबह तक भूख हड़ताल करेंगे और इसके बाद खत्म कर देंगे। शिक्षकों ने यह भी मांग कि एक बार अगर शिक्षा मंत्री मौके पर उनकी परेशानी को सुनकर आश्वासन दे दें तो भी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। अंधेरा होते ही शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक पुलिस ने शिक्षकों पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया।
लाठीचार्ज होने पर शिक्षक खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागे। जेएंडके कांट्रैक्च्यूल टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान बलविंद्र सिंह पवार, दलविंद्र सिंह, रंजीत सिंह और भूपेंद्र चौधरी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। भूख हड़ताल में काफी संख्या में महिला शिक्षक भी मौजूद थी।