जम्मू कश्मीर राज्य के वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर ने शनिवार को विधानसभा के सदस्यों के सामने यह जानकारी पेश की कि सरकार एक ऐसी योजना का गठन करने पर पूर्ण रूप से विचार कर रही है, जिसके अंतर्गत डेली वेजर/सीपी वर्कर और कांट्रैक्चुअल कर्मचारियों को राज्य में स्थायी नौकरियां प्रदान की जाएंगी।
सदन में हकीम मोहम्मद यासीन, अब्दुल हक खान, मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, अब्दुल रेहमान वीरी और जी एम सरूरी द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा एक कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया गया है जो कर्मचारियों की इस मांग पर काम कर रही है।
कमेटी द्वारा सभी विभागों से उन कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है जो जनवरी 1994 से पूर्व विभागों में काम कर रहे हैं, लेकिन कई विभागों की ओर से यह जानकारी नहीं दी गई है। राथर द्वारा यह आश्वासन दिलाया गया कि जैसे ही सभी विभागों की ओर से यह जानकारी पूर्ण रूप से प्राप्त होगी।
उसी समय कैबिनेट सब-कमेटी द्वारा कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए एक योजना के अंतर्गत प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की इस मांग को लेकर शुरू से गंभीर थी लेकिन एक लंबी प्रक्रिया और योजना का गठन करने को लेकर यह मांग विलंबित हो गई।