- गांव में निरीक्षण के लिए पहुंची भू-वैज्ञानिकों की टीम, नुकसान का किया जा रहा आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। जिले में भारी बारिश के बाद परनोट गांव में भूमि धंसान शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। उन्हें अस्थायी रूप से सामुदायिक केंद्र रामबन, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के घरों में ठहराया गया है। राहत शिविर और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रामबन कैंप कार्यालय परनोट की ओर से भी राहत व बचाव कार्य जारी हैं।
डीसी बशीर-उल-हक चौधरी ने बताया कि भूमि धंसने का सिलसिला जारी है। करीब 100 परिवारों को मवेशियों सहित एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। खराब मौसम से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद परिवारों को परनोट पंचायत से संचालित राहत और सहायता सेवाओं के साथ सामुदायिक हॉल मैत्रा (रामबन) में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है और हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। अस्थायी राहत शिविर, सामुदायिक रसोई स्थापित की हैं। मंडलायुक्त जम्मू की ओर से भेजी गई भू-वैज्ञानिकों की एक टीम ने शनिवार को स्थिति का जायजा लेने के साथ ही सर्वे किया और प्रभावित क्षेत्र से मिट्टी के नमूने भी एकत्र किए। नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पहली प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना, टेंट स्थापित करना और चिकित्सा व अन्य सुविधाएं प्रदान करना है। तीसरी प्राथमिकता प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन करना है। डीसी एवं जिला आपदा प्रबंधन के अध्यक्ष बशीर-उल-हक चौधरी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम स्थिति पर नजर रख रही है।
बता दें कि रामबन-गूल रोड पर भूमि धंसने के कारण वीरवार शाम को यातायात अवरुद्ध हो गया था। साथ ही 33 केवीए रिसीविंग स्टेशन, तीन से चार एचटी के साथ ही कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित है। रामबन के परनोट इलाके में लगातार जमीन धंसने से टावर, 60 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ स्थानों पर क्षेत्र 20 से 30 मीटर तक धंसाव होने से सारी कृषि गतिविधियां बाधित हैं।
राहत एवं बचाव टीमें तैनात
डीसी के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, सिविल क्यूआरटी, मेडिकल और अन्य सामाजिक संगठनों की टीमें तैनात हैं। नोडल अधिकारी कैंप (बीडीओ रामबन) यासिर वानी की देखरेख में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।