राजस्व और पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरुवार को सुबह डलवास में जमीन धंसने और घरों में दरारें पड़ने की सूचना मिली। करीब चार से पांच परिवार प्रभावित हुए हैं, जिन्हें गांव के आसपास सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ग्रामीण ओम सिंह ने कहा कि मेरे घर के सामने बरामदे और सड़क पर चौड़ी दरारें आई हैं। सोमवार को भारी बारिश के बाद ऐसा हुआ है।
रामबन में भूस्खलन (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
नुकसान की रिपोर्ट बनाने में जुटा प्रशासन, परनोत में 100 से अधिक लोग स्थानांतरित
दूसरी ओर, प्रशासन कुल क्षतिग्रस्त मकानों, खाली करवाए गए घरों, जमीन धंसने से हुए नुकसान, पीड़ितों की मांग आदि की रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अधिकारियों ने भूमि धंसने के बढ़ते खतरे को देखते हुए पंचायत परनोत ए के दो वार्डों को असुरक्षित घोषित कर दिया है। वहां पर करीब पांच दर्जन घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 25 अप्रैल से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
रामबन में भूस्खलन (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
कुछ को पंचायत घर परनोत, सामुदायिक हॉल मैत्रा और रिश्तेदारों के घरों में ठहराया गया था। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। भारतीय भूविज्ञान सर्वेक्षण के विशेषज्ञों ने क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया, जिसकी रिपोर्ट अभी भी प्रतीक्षित है।