अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना सुबह-सुबह उस समय घटी जब भूस्खलन के कारण ढलान पर स्थित मकान मलबे में दब गया। घटना के समय घर में परिवार के कई सदस्य मौजूद थे।
पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के कर्मियों सहित बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और अब सभी शव बरामद कर लिए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के माहौर तहसील के एक छोटे से गांव कराड़ा में बीती रात बादल फटने की दुखद घटना हुई। इस हादसे में नजीर अहमद, उनकी पत्नी वजीरा बेगम और उनके पांच बच्चों की मौत हो गई।
जेकेएनसी के विधायक खुर्शीद अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि इलाके में पहले कभी इतनी भारी बारिश नहीं देखी गई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह घटनास्थल से सभी शवों को बरामद किया।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने ट्वीट किया, "रियासी और रामबन में बादल फटने और बारिश से हुए भूस्खलन से व्यथित हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और स्थिति का जायजा लिया। बचाव और राहत अभियान जारी है। प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।"