आज कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई, सनातन धर्म सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। क्षेत्र में विवादों का केंद्र बने ऐतिहासिक तालाब का काम रुकवाने पर शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने रोष जताया। प्रशासन से काम बहाल करने की मांग की। चेतावनी दी कि इस स्थान पर केवल तालाब का ही निर्माण होना चाहिए। सदियों से मौजूद तालाब क्षेत्र की सामूहिक धरोहर है जिसे पुनर्स्थापित करने का कार्य चल रहा था, लेकिन वक्फ बोर्ड ने अपनी जमीन बताकर काम रुकवा दिया है। शनिवार को कोर्ट में मामले की सुनवाई है।
सनातन धर्म सभा के सदस्य रघुवीर सिंह ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने पहले ही अपनी सीमा तय कर ली है और तारबंदी भी हो चुकी है। अब अनावश्यक दखल देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने डीसी जम्मू से मामले में त्वरित हस्तक्षेप और राजस्व विभाग के पुराने रिकॉर्ड की जांच की मांग की। चेतावनी दी कि यदि तालाब का काम तुरंत बहाल नहीं किया गया, तो आंदोलन शुरू करेंगे।
पूर्व पार्षद राकेश मल्होत्रा ने बताया कि नगर पालिका की ओर से वार्ड-13 में यह कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने पार्षद रहते कई बार तालाब के रखरखाव को लेकर जनरल हाउस में चर्चा की थी। विधायक मोहन लाल के प्रयास से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से 40 लाख रुपये मंजूर हुए ताकि तालाब का जीर्णोद्धार हो सके लेकिन कुछ शरारती तत्व जान-बूझकर काम में बाधा डाल रहे हैं।
स्थानीय निवासी शिव शर्मा ने बताया कि एक स्वतंत्र जांच आयोग की तत्काल जरूरत है। इस स्थल और आसपास के सभी खसरा नंबरों की निशानदेही व राजस्व रिकॉर्ड की सही-सही जांच की जानी चाहिए।
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लोग बोले, सामाजिक सौहार्द और
सामुदायिक संतुलन से है मामला
शुक्रवार को तालाब का काम पूरी तरह से ठप रहा। अब लोगों की नजर शनिवार को न्यायालय में होने जा रही सुनवाई पर टिकी है। स्थानीय लोग इसे केवल सहूलियत का मामला नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक संतुलन से भी जुड़ा मान रहे हैं। मुकेश शर्मा, राजेंद्र सिंह, गौरव शर्मा, राजन शर्मा, शंभू शर्मा, आयुष सिंह, पवन सिंह, रोहित भक्त, विशाल संग्राल सहित कई लोगों ने एक स्वर में मांग की है कि तालाब का निर्माण तत्काल बहाल किया जाए।