नेकां के साथ गठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस को एक और करारा झटका लगा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी के घाटी में बड़े नेता लाल सिंह ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।
संसदीय चुनावों के बाद उभरे नए सियासी समीकरण में कांग्रेस का बड़ा विकेट इस तरह से गिरना पार्टी की छवि के लिए भी ठीक नहीं है।
लाल सिंह उधमपुर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद और स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।
पार्टी आला कमान को भी फैसला सुनाया
रविवार को अपने निवास स्थान पर समर्थकों से चुनाव के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए चौधरी लाल सिंह ने कहा कि अब वह कांग्रेस में नहीं हैं और पार्टी आला कमान को भी फैसला सुना दिया है।
उन्होंने कहा कि उनके समर्थक और कार्यकर्ता भी यह समझ लें कि उनका कांग्रेस से कोई लेना देना नहीं रह गया है।
'आजाद को राज्यसभा में पार्टी का नेता चुनना दुर्भाग्यपूर्ण'
नई सियासी पारी शुरू करने के लिए उन्होंने किसी दल का नाम नहीं लिया, लेकिन हरे रंग की पगड़ी पहनने का जिक्र करते हुए उन्होंने पीडीपी में शामिल होने का संकेत दे दिया।
संसदीय चुनावों में टिकट न दिए जाने पर घुटन महसूस कर रहे लाल सिंह ने रविवार को गुलाम नबी आजाद पर खुलकर हमला बोला।
आजाद को हारा हुआ नेता करार देते हुए लाल सिंह ने कहा कि हारने के बावजूद गुलाम नबी आजाद को राज्यसभा में पार्टी का नेता चुनना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पं. गोविंदराम ने किया भाजपा में शामिल होने का ऐलान
पूर्व मंत्री पंडित गोविंदराम शर्मा ने पिछले दिनों नेकां से त्यागपत्र देने के बाद रविवार को कसबा में अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की।
भाजपा का टिकट न मिलने की स्थिति में उन्होंने अन्य विकल्पों को भी खुले रखने का संकेत दिया है। शर्मा ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस ने अरबों रुपये के घोटाले करके देश को लूटा था। इसके चलते ही संसदीय चुनाव में उसका सफाया हो गया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी। शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी नहर बनाने के प्रोजेक्ट की स्वीकृति 2002 में मिली थी, लेकिन पीएचई मंत्री ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।