लद्दाख विश्वविद्यालय की स्थापना होने से लद्दाख के करीब 75 हजार छात्रों की मुश्किल हल होगी। उन्हें पढ़ाई के लिए बाहरी राज्यों का रास्ता नहीं पकड़ना होगा। विश्वविद्यालय में कारगिल के तीन डिग्री कालेज शामिल किए जाएंगे। अभी लद्दाख के पांच डिग्री कालेज कश्मीर विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में राज्य प्रशासनिक परिषद यानी एसएसी की बैठक में जम्मू-कश्मीर लद्दाख विश्वविद्यालय विधेयक-2018 को मंजूरी दी गई है।
केंद्र इस विश्वविद्यालय के लिए प्रारंभिक अनुदान के रूप में अगले एकेडमिक सत्र से 65 करोड़ रुपये देगा। अभी लद्दाख में जो पांच डिग्री कालेज हैं, उनमें से एक-एक लेह, नोबरा, कारगिल, जंस्कार और द्रास में स्थापित हैं। पौने तीन लाख की जनसंख्या वाले लद्दाख क्षेत्र में छात्र आबादी 40 फीसदी है। एक अनुमान के मुताबिक इनमें से 90 फीसदी छात्र अध्ययन के लिए देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पहुंचे हैं।
नए खुलने वाले लद्दाख विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीजी डिप्लोमा कराया जाएगा। खास तौर पर माउंटेन स्टडीज, एनवायरनमेंटल स्टडीज, क्लाइमेट चेंज स्टडीज, ग्लेशियर एंड वाटर स्टडीज, जियोलाजी आदि पर हायर स्टडीज की व्यवस्था रहेगी।