...तो टी नामगयाल बन सकते हैं पहले मुखिया
यूटी बनने पर लद्दाख पुलिस का मुखिया कौन होगा, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। पुनर्गठन एक्ट के लागू होने पर लद्दाख को अलग डीजीपी मिलने के आसार हैं। ऐसे में आईपीएस कैडर के स्थानीय अफसर को भी तरजीह मिल सकती है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) में तैनात जम्मू कश्मीर पुलिस कैडर के आईजी रैंक के आईपीएस अफसर टी नामगयाल लद्दाख के ही रहने वाले हैं। लोकल पुलिस को यदि स्थानीय मुखिया देने पर राय बनती है तो नामग्याल का नाम सबसे ऊपर हो सकता है। 1994 बैच के नामगयाल लद्दाख से हैं। इस समय एसपीजी में तैनात हैं। इनके अलावा जम्मू कश्मीर आईपीएस कैडर के कई अन्य सीनियर अधिकारी भी हैं। इनमें 1986 बैच के नवीन अग्रवाल, 1987 बैच के वी के सिंह, 1987 बैच के एस एम सहाय, 1989 बैच के लालतेंदु मोहंती शामिल हैं। इनमें से भी कोई अधिकारी डीजीपी हो सकता है।
अहम बातें
- जम्मू कश्मीर पुलिस के पास मंजूर पद 90 हजार
- मौजूद संख्या 83 हजार, 8500 कर्मियों की नई भर्ती होगी
- 2 हजार के लगभग लद्दाखी पुलिसकर्मी एवं अफसर
- लद्दाख में कुल 2500 पुलिस कर्मियों की पड़ सकती है जरूरत
- दोनों जगहों पर डीजीपी का पद हो सकता है, कमिश्नर की संभावना नहीं
- लद्दाख पुलिस में जाने वालों की इच्छा जानी गई, प्रेफरेंस मांगी गई
- लद्दाख पुलिस में एक बटालियन की अतिरिक्त भर्ती की जा सकती है