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लद्दाख: आदिवासी समुदायों की जीवन शैली को संरक्षित बनाएं- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

Thu, 02 Nov 2023 01:18 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह

सार

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के लोगों में लद्दाख में अपने लोगों के प्रति विशेष स्नेह और सम्मान की भावना है। वे राष्ट्र की रक्षा में उनके योगदान से अवगत हैं। सिंधु नदी सभी भारतीयों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना की गहराई में मौजूद है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : डीआईपीआर
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विस्तार
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि लद्दाख में कई आदिवासी समुदायों की कई समृद्ध परंपराएं जीवित हैं। यहां के लोग प्रकृति के प्रति स्नेह और सम्मान के बारे में जानते हैं जो आदिवासी समुदायों की कलाओं, नृत्यों, गीतों और जीवनशैली में परिलक्षित होता है। 

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उन्होंने जोर दिया कि हमें स्वस्थ पर्यावरण के लिए जीवन शैली के अनुसार आदिवासी समुदायों की जीवन शैली को संरक्षित करना चाहिए। राष्ट्रपति बुधवार को लेह के सिंधु घाट पर उनके सम्मान में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में बोल रही थीं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के लोगों में लद्दाख में अपने लोगों के प्रति विशेष स्नेह और सम्मान की भावना है। वे राष्ट्र की रक्षा में उनके योगदान से अवगत हैं। सिंधु नदी सभी भारतीयों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना की गहराई में मौजूद है। लद्दाख क्षेत्र के लोग बहादुरी और बुद्ध के प्रति अपनी आस्था के लिए जाने जाते हैं भगवान बुद्ध का अमर और जीवंत संदेश लद्दाख के माध्यम से दूर-दूर के देशों में फैला।
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क्षेत्र में वेलनेस टूरिज्म या स्वास्थ्य पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, लद्दाख में आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, इको-पर्यटन,वेलनेस टूरिज्म या स्वास्थ्य पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं हैं।

आदिवासी समाज, आधुनिक समाज की अच्छाइयों को अपनाए

राष्ट्रपति ने कहा, आदिवासी समुदायों के लोगों को आधुनिक विकास की अच्छाइयों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। परंपरा और आधुनिकता का यह संगम लद्दाख के लोगों सहित सभी नागरिकों के लिए सतत विकास का सही मार्ग साबित होगा। इस दौरान राष्ट्रपति ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों और स्थानीय आदिवासियों से बातचीत की।

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