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Ladakh News: जमी पैंगोंग झील पर मैराथन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, माइनस 20 डिग्री में दौड़े धावक

Tue, 21 Feb 2023 01:40 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह

सार

एडवेंचर स्पोर्ट्स फाउंडेशन लद्दाख, लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, लद्दाख पर्यटन विभाग और प्रशासन की ओर से आयोजित मैराथन को सोमवार लुकुंग से शुरू किया गया। धावकों को मन तक पहुंचने में तीन से साढ़े तीन घंटे का समय लगा।
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लद्दाख मैराथन में भाग लेते धावक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर पैंगोंग झील पर सोमवार को दुनिया की सबसे ऊंची झील पर मैराथन का विश्व रिकॉर्ड बना। जम चुकी झील के ऊपर चार विदेशियों समेत 75 धावकों ने दुनिया की सबसे ऊंची फ्रोजन लेक मैराथन में दौड़ लगाई।

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झील की सतह पर बनी 15 इंच मोटी परत पर जैसे ही साहसिक धावकों ने 21 किलोमीटर मैराथन पूरी की, यह आयोजन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया। फ्रोजन लेक मैराथन : द लास्ट रन के सफल आयोजन को लद्दाख में साहसिक पर्यटन के लिए नई उड़ान के रूप में देखा जा रहा है।

एडवेंचर स्पोर्ट्स फाउंडेशन लद्दाख, लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, लद्दाख पर्यटन विभाग और प्रशासन की ओर से आयोजित मैराथन को सोमवार लुकुंग से शुरू किया गया। धावकों को मन तक पहुंचने में तीन से साढ़े तीन घंटे का समय लगा।
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मैराथन के लिए धावकों के चयन में खास ध्यान रखा गया था। ऊंचाई वाले इलाकों में लंबी दौड़ का अनुभव रखने वाले अमेरिकी, फ्रांसिसी और ब्रिटिश चार नागरिकों समेत अन्य धावक पांच से दस के समूहों में दौड़े। आखिरी समूह के मन गांव पहुंचते ही आयोजन स्थल पर जश्न का माहौल बन गया।

मैराथन पूरी होने पर आयोजकों को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया गया। जिला उपायुक्त लेह श्रीकांत बाला साहब सुसे और लेह परिषद अध्यक्ष ताशी ग्यालसन ने कहा, यह लद्दाख के लिए ऐतिहासिक घड़ी है।

उन्होंने कहा, कार्बन न्यूट्रल लद्दाख और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ ही स्थानीय पर्यटन को मैराथन से बढ़ावा मिलेगा।

हर 5 किमी पर एनर्जी स्टेशन, एंबुलेंस, गर्म पानी

माइनस 20 डिग्री तापमान में दौड़ने वाले प्रतिभागियों ने कम से कम चार परतों में कपड़े पहन रखे थे। हर पांच किलोमीटर के फासले पर एनर्जी स्टेशन स्थापित किया गया था। स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में एंबुलेंस और गर्म पानी की व्यवस्था की गई थी।

समुद्रतल से ऊंचाई बनी विश्व कीर्तिमान का आधार

पैंगोंग झील की समुद्रतल से ऊंचाई 13,862 फुट है। विश्व में इससे पहले भी जमीन हुई झील पर मैराथन का आयोजन हो चुका है, लेकिन समुद्रतल से ऊंचाई के मामले में पैंगोंग झील सबसे आगे रही। अत्यधिक ऊंचाई होने की वजह से यहां जोखिम भी बहुत था।

इसके लिए बाकायदा अध्ययन किया गया था। झील की सतह 14 से 16 इंच मोटी पाई गई, जिस पर छोटा ट्रक भी चलाया जा सकता था। इसके बावजूद एहतियात बरतते हुए धावकों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर क्रमवार मैराथन में शामिल किया गया। प्रतिभागी पिछले कई दिन से अनुकूलन प्रक्रिया की एसओपी के तहत अभ्यास कर रहे थे।

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