रात को घर की रोशनी मोटे परदे में कैद रहेगी और बाहर घुप अंधेरे में चांद सितारे जमीन पर उतरेंगे। जल्द ही यह नजारा लद्दाख में लेह जिले के हनले गांव में तैयार की जा रही देश की पहली डार्क स्काई सेंक्चुअरी में नजर आएगा।
हनले व आसपास के इलाकों में खगोल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे खोले जाएंगे। इसके लिए ग्रामीणों को परियोजना के फायदे बताए गए हैं। गांव के लोग भी अपने घराें में होम स्टे सेवाएं देने के लिए तैयार हो गए हैं। इससे पर्यटकों को लद्दाख के ग्रामीण इलाकों के जीवन को समझने और खगोल पर्यटन का रोमांच देखने को मिलेगा।
डार्क स्काई रिजर्व परियोजना में रात के समय बल्ब, ट्यूबलाइट जैसे कृत्रिम रोशनी के सभी स्रोतों को नियंत्रित किया जाएगा। खगोल पर्यटन के लिए रात की रोशनी प्रदूषण कहलाती है। हनले व आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगाें को रात की रोशनी परदे में रखने के उपाय बताए गए हैं।
घर के भीतर की रोशनी बाहर न आए, इसके लिए मोटे परदे लगाए जाएंगे। वाहनों की आवाजाही को भी रात के समय नियंत्रित किया जाएगा, क्योंकि अंधेरा जितना गहरा होगा, खगोल पर्यटन में उतना उजाला होगा।