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Ladakh Lok Sabha Election Result: लद्दाख में आजाद उम्मीदवार हनीफा जीते, कांग्रेस और भाजपा को दी मात

Tue, 04 Jun 2024 05:48 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर

सार

लद्दाख की एकमात्र लोकसभा सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवार मोहम्मद हनीफा ने जीत हासिल कर ली है। भाजपा ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में यह सीट जीती थी।
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मोहम्मद हनीफा लद्दाख में जीते - फोटो : संवाद
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विस्तार
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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की लद्दाख की एकमात्र लोकसभा सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवार मोहम्मद हनीफा ने जीत हासिल कर ली है। उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस के सेरिंग नामग्याल और भाजपा के ताशा ग्यालसन को हरा दिया है।

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वह 28,673 वोटों से आगे चल रहे हैं। उन्हें 64,443 वोट मिल चुके हैं। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया। कांग्रेस के प्रत्याशी सेरिंग नामग्याल दूसरे स्थान पर हैं। उन्हें 35,770 वोट मिल चुके हैं। भाजपा प्रत्याशी ताशी ग्यालसन तीसरे स्थान पर हैं। उन्हें 31,505 वोट मिल चुके हैं। नोटा को लद्दाख में अब तक 896 वोट मिल चुके हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता हैं हनीफा

भाजपा ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में यह सीट जीती थी। कांग्रेस ने यह सीट सबसे अधिक छह बार जीती है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता हनीफा ने कांग्रेस द्वारा इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार के रूप में नामग्याल को मैदान में उतारने के बाद अपनी पूरी कारगिल इकाई के साथ पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद वह स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे। 
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हनीफा शिया मुस्लिम बहुल कारगिल क्षेत्र से एकमात्र उम्मीदवार हैं। 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होने और केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने के बाद इस प्रदेश में यह पहली बड़ी चुनावी लड़ाई है।

ladakh election - फोटो : अमर उजाला
लद्दाख सीट का इतिहास कैसा रहा है 

इस बार लद्दाख सीट पर में कुल 1,84,268 मतदाता हैं। 1967 से अब तक हुए चुनाव में छह बार कांग्रेस, दो बार नेकां, तीन बार निर्दल तथा दो बार ही भाजपा जीती है। भाजपा यहां 2014 से जीत रही है, जबकि कांग्रेस ने आखिरी बार 1996 में यहां जीत हासिल की थी। 1998 व 1999 में नेकां को जीत मिली थी, लेकिन बाद के दो चुनाव 2004 व 2009 में निर्दलीय संसद तक पहुंचे थे।

भाजपा को थुपस्तान छेवांग ने 2014 में पहली बार दिलाई थी जीत

थुपस्तान छेवांग ने 2014 में पहली बार भाजपा के लिए सीट जीती थी। हालांकि, उन्होंने 2018 में पार्टी की मूल सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और वर्तमान में एलएबी का नेतृत्व कर रहे हैं। 

भाजपा ने 2019 में जामयांग त्सेरिंग नामग्याल को टिकट दिया, जिन्होंने दूसरी बार भाजपा को यहां जीत दिलाई। लेकिन एलएबी तथा केडीए के आंदोलन और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विरोध के मद्देनजर उनका टिकट काटकर ताशी को प्रत्याशी बनाया गया। शुरू में तो जामयांग ने बगावती तेवर दिखाए, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व के समझाने पर मान गए और भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करने लगे।
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ये उम्मीदवार मैदान में रहे - फोटो : संवाद
कारगिल और लेह से मिलकर बना है लद्दाख

2019 में जम्मू कश्मीर से अलग कर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। लद्दाख में दो जिले हैं, कारगिल और लेह। दोनों जिलों में एक-एक लद्दाख पहाड़ी स्वायत्त विकास परिषद (एलएएचडीसी) हैं। इनमें से एलएएचडीसी लेह पर भाजपा का दबदबा और एलएएचडीसी कारगिल पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) का कब्जा है। 
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