लद्दाख सीट का इतिहास कैसा रहा है
इस बार लद्दाख सीट पर में कुल 1,84,268 मतदाता हैं। 1967 से अब तक हुए चुनाव में छह बार कांग्रेस, दो बार नेकां, तीन बार निर्दल तथा दो बार ही भाजपा जीती है। भाजपा यहां 2014 से जीत रही है, जबकि कांग्रेस ने आखिरी बार 1996 में यहां जीत हासिल की थी। 1998 व 1999 में नेकां को जीत मिली थी, लेकिन बाद के दो चुनाव 2004 व 2009 में निर्दलीय संसद तक पहुंचे थे।
भाजपा को थुपस्तान छेवांग ने 2014 में पहली बार दिलाई थी जीत
थुपस्तान छेवांग ने 2014 में पहली बार भाजपा के लिए सीट जीती थी। हालांकि, उन्होंने 2018 में पार्टी की मूल सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और वर्तमान में एलएबी का नेतृत्व कर रहे हैं।
भाजपा ने 2019 में जामयांग त्सेरिंग नामग्याल को टिकट दिया, जिन्होंने दूसरी बार भाजपा को यहां जीत दिलाई। लेकिन एलएबी तथा केडीए के आंदोलन और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विरोध के मद्देनजर उनका टिकट काटकर ताशी को प्रत्याशी बनाया गया। शुरू में तो जामयांग ने बगावती तेवर दिखाए, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व के समझाने पर मान गए और भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करने लगे।
ये उम्मीदवार मैदान में रहे
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