कहा-कोई डराए या धमकाए तो शिकायत करें
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। 24 सितंबर की लेह हिंसा मामले की जांच चल रही है। इस बीच संयुक्त सचिव रिगजिन स्पालगोन ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता कर कहा कि जांच आयोग मामले की जांच कर रहा है। इसमें किसी तरह की बाधा नहीं डालने दी जाएगी।
सिविल सोसायटी संगठनों का कहना था कि कुछ लोग आयोग के पास पहुंचने से रोकने के लिए दबाव या धमकी दे रहे हैं। इस पर आयोग ने दूसरा नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि चाहे सरकारी विभागों के अधिकारी हों, पुलिस कर्मी, गैर-सरकारी संस्थाओं से जुड़े लोग या निजी नागरिक गवाहों या शिकायतकर्ताओं को डराने-धमकाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्पालगोन ने कहा कि आयोग ऐसे हस्तक्षेप को एक गंभीर अपराध मानता है। यदि किसी को पहले ही धमकाया या जबरदस्ती की गई है तो उन्हें तुरंत आयोग के पास शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गवाहों और सूचनादाताओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। सबूत या बयान जमा करने की अंतिम तिथि 28 नवंबर है जिसके बाद औपचारिक कानूनी कार्यवाही 11 दिसंबर से शुरू होने वाली है।