आयोग अपने चार दिवसीय दौरे के तहत दो-दो दिन जम्मू और कश्मीर में रहेगा। छह जुलाई को श्रीनगर पहुंचकर दल नुमाइंदों से बात करेगा। अगले दिन सात जुलाई को पहलगाम जाएगा। जम्मू संभाग के दौरे पर यह दल आठ जुलाई को किश्तवाड़ और नौ जुलाई को जम्मू में रहेगा।
आयोग का एक साल बढ़ा है कार्यकाल
परिसीमन आयोग का गठन मार्च 2020 में किया गया था। कोरोना महामारी को देखते हुए इसका कार्यकाल मार्च 2021 में एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया था। जम्मू-कश्मीर के निर्वाचन आयुक्त आयोग के तीसरे सदस्य हैं। आयोग में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत पांच एसोसिएट सदस्य भी हैं। इससे पहले आयोग ने बातचीत के लिए फरवरी में एसोसिएट सदस्यों को आमंत्रित किया था जिसमें दो एसोसिएट सदस्य भाजपा के डॉ. जितेंद्र सिंह व जुगल किशोर शर्मा शामिल हुए थे। नेकां के तीन सांसद बैठक में उपस्थित नहीं हुए। संकेत हैं कि अगली बैठक में नेकां के नुमाइंदे भी शामिल हो सकते हैं।
आयोग को मिले प्रतिवेदन का लिया संज्ञान
आयोग ने जनगणना 2011 से संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के आंकड़ों, मानचित्र से संबंधित कई बैठकें पहले ही की थीं। परिसीमन से संबंधित सिविल सोसायटी, केंद्र शासित प्रदेश के सार्वजनिक सदस्यों से अनेक प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। आयोग ने ऐसे सभी सुझावों को संज्ञान में लिया है और निर्देश दिया है कि परिसीमन से संबंधित जमीनी वास्तविकताओं के संदर्भ में इन सुझावों पर आगे विचार किया जा सकता है। आयोग को आशा है कि सभी हितधारक इस प्रयास में सहयोग करेंगे और बहुमूल्य सुझाव देंगे।
सूत्रों के मुताबिक 90 सीटों के लिए आयोग जल्दी ही परिसीमन तय करना चाहता है। सात सीटें बढ़नी हैं। पहले 83 सीटें (लद्दाख की चार सीटों को छोड़कर) थीं। इस दौरान यह चर्चा भी होगी कि किन क्षेत्रों को हटाया जाए और किसे शामिल किया जाए। आरक्षित सीटों पर भी विचार-विमर्श होगा। 24 सीटें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए खाली रखी जाएंगी। पहली बार परिसीमन आयोग बाकी प्रदेशों की तरह ही अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षित सीटें भी घोषित करेगा।
1995 में तय हुआ था परिसीमन
जम्मू-कश्मीर में 1995 में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन 1981 की आबादी के आधार पर किया गया था। इसके बाद साल 2001 में परिसीमन होना था जिसे 2006 तक टाल दिया गया था। पिछले साल अगस्त में विशेष राज्य का दर्जा समाप्त होने के बाद नए परिसीमन का रास्ता साफ हो गया। प्रदेश में नए सिरे से परिसीमन को लेकर आयोग लगातार बैठकें कर रहा है।