वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन हमले की जांच कर रही एनआईए ने सैंपल लेकर चंडीगढ़ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के पास भेजे हैं। इससे पता चलेगा कि हमले में कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था। उधर, जम्मू में सैन्य प्रतिष्ठानों के ऊपर ड्रोन दिखने के मामले चौथे दिन भी सामने आए हैं। बुधवार तड़के दो सैन्य कैंपों के ऊपर ड्रोन उड़ने की सूचना मिली है। सेना और पुलिस ने इससे साफ इनकार किया। हर एक सैन्य कैंप में आसमान पर नजर रखने के लिए कम से 70 जवानों को तैनात किया गया है। जो खास तौर पर ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
बुधवार को कालूचक मिलिट्री स्टेशन और मीरां साहिब सैन्य बिग्रेड पर ड्रोन मंडराने की सूचना मिली। कई सोशल मीडिया साइट पर भी इसकी जानकारी सांझा की गई। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि ऐसा कोई ड्रोन नहीं देखा गया है। जवानों को पूरी तरह से अलर्ट किया है। इस प्रकार की गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश हैं।
यदि कहीं पर कोई हमले की कोशिश करता है तो तुरंत जवाबी कार्रवाई होगी। 27 जून को वायुसेना स्टेशन पर हमला होने के बाद से लगातार चार दिन तक सैन्य कैंपों के ऊपर ड्रोन देखे जाने की जानकारी सामने आ रही हैं। सिर्फ एक बार ड्रोन ने हमला करने की कोशिश की है, लेकिन वो कामयाब नहीं हो सके। एसएसपी चंदन कोहली ने बताया कि लोग इसे लेकर डर का माहौल न बनाएं। इस प्रकार की घटना को मजाक में न लें। पहले पूरी तरह से देखें कि आसमान में दिखने वाला यंत्र किस तरह का है। इसके बाद ही कोई सूचना सांझा करें।
राजोरी में ड्रोन समेत उड़ने वाली सभी मशीनों पर रोक
जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से किए गए हमले को लेकर राजोरी में ड्रोन समेत उड़ने वाली सभी मशीनों पर रोक लगा दी है। इसमें खिलौने अथवा छोटे ड्रोन भी शामिल हैं। न सिर्फ इस्तेमाल बल्कि ऐसी मशीनों को रखने, भंडारण, बिक्री और परिवहन पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार शवन ने आदेश में कहा है कि देश विरोधी तत्वों द्वारा मानव जीवन को नुकसान, चोट और जोखिम पैदा करने के लिए ड्रोन और उड़ने वाली वस्तुओं के उपयोग को देखते हुए यह पाबंदी लगाई जा रही है। राजोरी जिले में किसी भी ड्रोन या छोटी उड़ने वाली वस्तुओं/खिलौने का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अगर किसी के पास इस तरह का कोई ड्रोन कैमरा या उड़ने वाली वस्तु है तो वो उसे स्थानीय पुलिस स्टेशन में जमा कराएं। थाने से बाकायदा इसकी पर्ची लें। किसी सरकारी एजेंसी द्वारा मैपिंग और सर्विलांस के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसकी जानकारी लोकल पुलिस स्टेशन इंचार्ज को देनी होगी।