फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: 77वें जोजिला दिवस पर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि, 1948 के युद्ध के वीरों को किया नमन

विज्ञापन
लद्दाख ने 77वें ज़ोजिला दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। स्रोत - भारतीय सेना
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कारगिल। द्रास के गुमरी स्थित जोजिला युद्ध स्मारक पर 77वां जोजिला दिवस रविवार को गर्व और श्रद्धा के साथ मनाया गया। लद्दाख के लोग और सेना के अधिकारी जोजिला के ऐतिहासिक युद्ध (1947-48) में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक साथ नजर आए।

इस स्मृति समारोह में सेना के पूर्व सैनिकों, स्थानीय निवासियों, द्रास, मटयान और पंद्रास के सामुदायिक नेताओं ने भाग लिया। इन्होंने उन बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जिनके साहस और दृढ़ संकल्प ने प्रथम भारत-पाक युद्ध के दौरान भारत की सीमाओं की रक्षा की। इस समारोह की शुरुआत युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने की रस्म के साथ हुई जो दुर्गम हिमालयी भूभाग में वीरतापूर्वक लड़ने वाले वीरों के प्रति गहरे सम्मान का प्रतीक था।
विज्ञापन

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और लोगों ने नवंबर 1948 में हुए भीषण युद्ध को याद किया। ये सैन्य इतिहास का एक निर्णायक क्षण जब भारतीय सेना ने विषम मौसम और परिचालन स्थितियों के बावजूद जोजिला दर्रे पर पुनः कब्जा किया। लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोजिला, युद्ध के दौरान एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान था। 1948 का यह युद्ध सर्वाधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बख्तरबंद युद्ध के सबसे शुरुआती और उल्लेखनीय उदाहरणों में से एक के रूप में इतिहास में अंकित है। ये भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और अनुकूलनशीलता को दर्शाता है।
विज्ञापन


इस अवसर पर सेना के अधिकारियों ने भारत के सैन्य इतिहास में ऐसे मील के पत्थरों को याद रखने के महत्व पर जोर दिया। एक अधिकारी ने कहा कि जोजिला केवल एक पहाड़ी दर्रा नहीं है। यह साहस और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति गीतों, पूर्व सैनिकों और युवा सैनिकों के बीच संवाद और राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों की विरासत को कायम रखने की नई प्रतिज्ञा के साथ हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें