उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा नार्को टेरर मॉड्यूल मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि कुपवाड़ा जिले के इस दूसरे मामले की जांच भी एनआईए को सौंपी जा सकती है। 11 जून को हंदवाड़ा में पुलिस ने लश्कर के नार्को टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए तीन आतंकी समर्थकों को गिरफ्तार किया था। इनसें 21 किलो हेरोइन तथा 1.34 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 100 करोड़ रुपये बताई गई थी। पुलिस ने इस रैकेट की तह तक जाने के लिए एसपी की अगुआई में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया था।
पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में थे
पकड़े गए आतंकियों के मददगारों से पूछताछ में सामने आया कि वे पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में थे। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की आर्थिक मदद के लिए ये लोग ड्रग्स रैकेट चला रहे थे। दोनों स्थानीय युवकों को संगठन में शामिल होने के लिए भी बरगला रहे थे। इनके पकड़े जाने से नशा तस्करों और आतंकियों के गठजोड़ का पर्दाफाश हो गया है।
एलओसी पर खेप मददगार करते हैं प्राप्त
पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन मादक पदार्थों को नियंत्रण रेखा के रास्ते घाटी में भेजते हैं। इसकी खेप आतंकियों के मददगार ओजीडब्ल्यू प्राप्त करते हैं। इस ड्रग्स को देश के अन्य राज्यों में बेचकर घाटी में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पैसा इकट्ठा किया जाता है।