कुलगाम मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिस कांस्टेबल रोहित चिब को जोगी गेट स्थित श्मशानघाट में राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर डीजीपी दिलबाग सिंह, एडीजीपी मुकेश सिंह, एसएसपी चंदल कोहली समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। शहीद को पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस मौके शहीद की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
शहीद का पार्थिव शरीर वीरवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब जगती स्थित घर में पहुंचा। यहां पर रिश्तेदार और स्थानीय लोग भी पहुंचे थे। शहादत की खबर से इलाके में मातम छाया हुआ है। लोग ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद के परिजन रो-रो कर कह रहे थे कि यह कैसे हो गया।
रिश्तेदार परिजनों को ढांढस बंधाते रहे
मां नीना कुमारी ने कहा कि रोहित घर से बोल कर गया था कि जल्दी आउंगा, लेकिन यह क्या हो गया। रिश्तेदार परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। जोगी गेट स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार एक बजे किया गया। पुलिस अधिकारी भी परिजनों का हौंसला बढ़ाते रहे। शहीद अपने पीछे पत्नी, भाई, बहन और मां को छोड़ गए हैं। शहीद के भाई कर्ण सिंह ने अंतिम संस्कार की सभी रस्मों को पूरा किया। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी गर्भवती है।
रोहित 2011 में हुआ था भर्ती
शहीद रोहित चिब वर्ष 2011 में जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल के रूप में शामिल हुए थे और वर्ष 2017 में कर्त्तव्यों के प्रति समर्पण के लिए उन्हें अगले रैंक पर पदोन्नत किया गया था।
एक साल हुआ है शादी को
शहीद की शादी को अभी फरवरी माह में एक साल होना है। पत्नी पूजा देवी गर्भवती हैं। अभी शहीद 15 दिन की छुट्टी काटने घर आया था। सोमवार को ड्यूटी के लिए कुलगाम को रवाना हुआ था। मंगलवार को कुलगाम पहुंचने के बाद पत्नी से बात हुई थी। बुधवार को भी भाई कर्ण से उसकी बात हुई। उसने कहा कि वह पेट्रोलिंग पर जा रहा है। वापस आकर फोन करेगा। इसके बाद रात को शहादत की खबर आई, जिससे पूरा परिवार सन्न रह गया।
रविवार को हुई थी बात, कश्मीर के हालत पर हुई थी चर्चा
शहीद के करीबी रिश्तेदार (चाचा) आरके सहगल ने बताया कि शहादत से इलाके में मातम छा गया है। रविवार को रोहित से बात हुई थी। काफी लंबी देर तक कश्मीर के हालात पर चर्चा हुई मगर पता नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। अभी भी यकीन नहीं हो रहा है।
कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा : डीजीपी
डीजीपी दिलबाग सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद रोहित चिब को जोगी गेट श्मशानघाट में श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाते हुए जवान शहीद हुआ है। उनकी कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस सुरक्षा बलों के साथ आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ लड़ रही है। उन्होंने कहा कि 2022 की शुरुआत में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए और इन आतंकवादियों के खात्मे के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। आने वाले दिनों में आतंकवादियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।