केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ दिन पहले बयान दिया है कि रोहिंग्या शरणार्थी नहीं घुसपैठिये हैं और उन्हें यहां से जाना होगा पर जम्मू के नरवाल में बसे रोहिंग्याओं का कहना है कि अगर हम घुसपैठिये हैं, तो बाहर निकाल दिया जाए.... वैसे हम घुसपैठिये नहीं है, वक्त के मारे हैं। राजनाथ सिंह के बयान पर रोहिंग्याओं ने कुछ इस तरह पूरी प्रक्रिया दी।
नरवाल में मौलवी रफीक कहते हैं कि 70 साल से म्यांमार में रोहिंग्याओं पर जुल्मों सितम हो रहा है। हाल ही में मीडिया में फोटो आने के बाद लोगों को पता चला कि रोहिंग्याओं पर जुल्म हो रहा है, यह जुल्म सात दशकों से चल रहा है। यही वजह है कि हम लोग भारत की शरण ली।
महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों ने किसी तरह अपनी जान बचा कर एक शांतिपूर्ण माहौल में रह रहे हैं, लेकिन एक बार फिर वही स्थिति बन रही है। हमें आतंकवादी माना जा रहा है। अगर ऐसी बात है तो वह अपने देश जाने को तैयार हैं, लेकिन उनकी सर्वोच्च नेता आंग सान सू की को वहां सौहार्दपूर्ण माहौल कायम करना चाहिए।
हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। दो वर्ष पहले नरवाल पहुंचे रशीद ने कहा कि म्यांमार में हमारे घरों में काफी जगह थी। हम भी शान से रहते थे, लेकिन भारत पहुंचने के बाद हम भीख मांगने पर मजबूर हुए।