सांबा। नड़ क्षेत्र के कई गांवों में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने जोरदार आवाज उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से बसंतर दरिया व आसपास के इलाकों से भारी मात्रा में रेत का अवैध दोहन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है।
नड़ ब्लॉक के कलोआ, मुल्थ, तन्थ, कस्सी और कियानी गांवों के निवासियों ने बताया कि ट्रैक्टरों के जरिए रात-दिन अवैध खनन जारी है। स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, कुलबीर सिंह, रतनचंद और नीरज ने बताया, कलोआ से लेकर कई किलोमीटर तक बसंतर दरिया से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर भरकर रेत ले जाई जा रही है। हमने कई बार प्रशासन को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अवैध खनन के कारण पहले ही क्षेत्र का भूजल स्तर खतरनाक स्तर तक गिर चुका है। हमारे कुएं और हैंडपंप सूखने लगे हैं। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में पीने के पानी का भीषण संकट पैदा हो जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल भी अवैध खनन के कारण इसी तरह का जल संकट पैदा हुआ था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध खनन करने वाले वाहनों को रोककर प्रशासन को सूचित करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ जाहिर होता है कि खनन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी माफियाओं से मिले हुए हैं।
धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बुधवार को जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो वे बड़े पैमाने पर सड़क जाम करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की मांगें
अवैध खनन पर तत्काल प्रतिबंध
दोषी खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
भूजल स्तर की नियमित निगरानी के लिए समिति गठन
खनन विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई