धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के पवित्र दरबार में वीरवार को मौसम पल-पल बदला। सुबह तेज धूप खिली व बीच में बर्फीली हवाओं के कारण ठंडक रही। दोपहर बाद आसमान काले बादलों से घिर गया और हल्की बूंदाबांदी होने लगी। त्रिकुटा पर्वत की ऊपरी चोटियों पर करीब एक से दो इंच तक हिमपात हुआ।
अप्रैल में हिमपात का नजारा देखकर मां वैष्णो देवी यात्रा पर आए श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। श्रद्धालु चोटियों को निहारते नजर आए। लगभग दो घंटे बाद मौसम साफ हो गया और सूर्यदेव व बादलों के बीच लुका-छिपी का सिलसिला चलता रहा। धूप निकलने के बाद बर्फ पिघल गई।
मौसम के बदलते मिजाज के बावजूद श्रद्धालु पूरी भक्ति के साथ यात्रा करते रहे। बरसाती व गर्म कपड़े पहनकर जय माता दी के जयकारे लगाते रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड, पुलिस विभाग, सीआरपीएफ और आपदा प्रबंधन दल के जवानों ने लगातार निगरानी रखी। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने तथा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
लगभग दो घंटे तक प्रभावित रही हेलिकॉप्टर सेवा
यात्रा मार्ग पूरी तरह सुचारू है और श्रद्धालु बिना परेशानी दर्शन कर रहे हैं। हालांकि खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर सेवा लगभग दो घंटे तक प्रभावित रही। भवन मार्ग पर बैटरी कार तथा भवन-भैरव घाटी के बीच संचालित रोपवे सेवा सामान्य रूप से जारी रही जिसका श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया। वीरवार को शाम पांच बजे तक करीब 22 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे।