गांदरबल मुठभेड़ मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा जांच के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि रिपोर्ट एक हफ्ते में आएगी। परिवार द्वारा मुठभेड़ को फर्जी बताए जाने के बीच सरकार ने पारदर्शी जांच का भरोसा दिया है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल मुठभेड़ मामले में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा जांच के आदेश दिए जाने की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में समयबद्ध और पारदर्शी जांच की जा रही है और रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर आने की संभावना है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि मामले को छिपाने की कोशिश नहीं की गई और जांच के लिए तुरंत कदम उठाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ऐसी घटनाएं होती हैं तो सच्चाई सामने आनी चाहिए और लोगों को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
सेना ने 31 मार्च को अरहामा जंगलों में एक मुठभेड़ में जिस व्यक्ति को मार गिराने का दावा किया था उसे आतंकवादी बताया गया था। हालांकि, मृतक राशिद अहमद मुगल के परिवार ने इस दावे को खारिज करते हुए मुठभेड़ को फर्जी बताया है और शव वापस सौंपने की मांग की है।
विज्ञापन
इस मामले में उपराज्यपाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी प्रक्रिया जारी है। रिपोर्ट पूरी होने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
एएफएसपीए को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है और कानून-व्यवस्था भी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति के दावों पर सवाल खड़े करती हैं।