कठुआ कांड को लेकर एडवोकेट तालिब हुसैन सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि आठ वर्षीय बच्ची के साथ जो घिनौना अपराध किया गया है ऐसे में उसके लिए इंसाफ की आवाज उठाने वाले व्यक्ति को सुरक्षा दी जानी चाहिए। खासकर बच्ची के परिवार के सदस्यों को और उन लोगों को जो लगातार मामले को दबाए जाने से बचाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। इसी को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे।
तालिब ने बताया कि इसके बाद यह भी अर्जी दी जाएगी कि मामले की सुनवाई जम्मू संभाग में न हो। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में मामले की सुनवाई सुरक्षित नहीं है। ऐसे में किसी सुरक्षित जगह पर सुनवाई होनी चाहिए, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई जाएगी।
कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ जिस तरह की हैवानियत हुई, उससे पूरी मानव जाति शर्मसार हुई है। एक बच्ची के साथ हुई ऐसी दरिंदगी से लोग दहशत में हैं, वहीं अब खबर आ रही है कि इस मामले में पीड़िता की ओर से केस लड़ रही वकील दीपिका सिंह राजावत को धमकियां मिल रही हैं।
दीपिका ने रविवार को मीडिया के सामने आकर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस केस को छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि वह अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए
सुप्रीम कोर्ट से अपील करेंगी।
I don't know till when I will be alive. I can be raped, my modesty can be outraged, I can be killed, I can be damaged. I was threatened yesterday that 'we will not forgive you'. I am going to tell SC tomorrow that I am in danger: Deepika S Rajawat, Counsel, Kathua victim's family pic.twitter.com/khXFELUqZe
— ANI (@ANI) April 15, 2018
उन्होंने बताया कि मैं नहीं जानती मैं कब तक जिंदा हूं। मेरा कभी भी रेप किया जा सकता है। भीड़ मुझे मार सकती है। मुझे नुकसान पहुंचा सकती है। मुझे शनिवार को ये धमकियां मिली थी। वो कह रहे थे कि मुझे नहीं छोड़ेंगे। मैं सोमवार को यह बताने सुप्रीम कोर्ट जा रही हूं कि मेरी जान को खतरा है।